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अस्पताल में चोरी की कोशिश (Img: Dynamite News)
Badaun: बदायूं जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित न्यू जीवनदान अस्पताल में मोबाइल चोरी की घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि चोरी के संदेह में पकड़े गए युवक को पुलिस ने करीब 10 घंटे तक चौकी में बैठाए रखा, लेकिन उसके खिलाफ तत्काल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। बाद में उसे छोड़ दिया गया। मामला अधिकारियों तक पहुंचने और मीडिया में आने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे अलापुर रोड स्थित न्यू जीवनदान अस्पताल में एक युवक चोरी की नीयत से घुसा। आरोप है कि उसने मरीजों के तीन मोबाइल फोन उठा लिए। अस्पताल कर्मियों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने युवक का पीछा किया। इस दौरान युवक कथित रूप से मोबाइल फेंककर वहां से भाग गया। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड होने की बात कही गई है। अस्पताल संचालक डॉ. विनोद कुमार ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि घटना के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ लिया था और उसे करीब 10 घंटे तक चौकी में रखा। आरोप है कि उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और बाद में उसे छोड़ दिया गया। इस दावे को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।
मामले के सार्वजनिक होने और अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने डॉ. विनोद कुमार की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 62 और 303(2) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में अस्पताल में चोरी की कोशिश, तीन मोबाइल चोरी करने और घटना के सीसीटीवी फुटेज होने का उल्लेख किया गया है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि पुलिस की हिरासत में कोई संदिग्ध था, तो उसे छोड़ने के बाद मामला अज्ञात आरोपी के खिलाफ क्यों दर्ज किया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अब जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Location : Badaun
Published : 18 July 2026, 11:57 AM IST
Topics : Badaun News Civil Lines police Mobile Theft