संसद में सरकार पर गरजे अखिलेश यादव, पूछा- क्या आप बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को लोकसभा में युवाओं और छात्रों के प्रदर्शन के मामले पर सरकार पर बरस पड़े। सपा प्रमुख ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा- क्या आप बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे? उन्होंने साफ कहा कि युवाओं की मांगें न सुने जाने पर विपक्ष सड़कों पर उतरेगा। जानिए संसद में हुए हंगामे की पूरी खबर।

Updated : 22 July 2026, 12:57 PM IST
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New Delhi: संसद के भीतर देश के युवाओं और छात्रों के हक की आवाज उस वक्त गरज उठी, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया। लोकसभा में भारी हंगामे के बीच बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने दोटूक कहा कि अगर सरकार ने समय रहते छात्रों और युवाओं की मांगें नहीं सुनीं, तो विपक्षी दल खामोश नहीं बैठेंगे और वे मजबूरी में सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

"हाथ तोड़ा, सर फोड़ा, कपड़े फाड़े" - सपा प्रमुख का तीखा हमला

छात्रों और युवाओं के हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रशासन के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सपा प्रमुख ने सरकार के व्यवहार की जमकर खिंचाई की। उन्होंने बेहद गुस्से में संसद को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने विरोध दर्ज करा रहे छात्रों के साथ अमानवीय और शर्मनाक व्यवहार किया है।

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"सरकार ने छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। प्रदर्शनकारियों के हाथ तोड़े गए, उनका सर फोड़ा गया और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। मैं सरकार से पूछना चाहता हूं- क्या अब आप बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे?"

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल कांग्रेस, सपा या अन्य विपक्षी दलों की राजनीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि पूरा विपक्ष देश के नौजवानों और छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब सरकार देश के युवाओं की ही बात नहीं सुनेगी, तो फिर आखिर किसकी सुनेगी?

पीएम आवास जाने की मजबूरी और सदन में जवाब की मांग

सदन के भीतर अपनी बात को मजबूती से रखते हुए अखिलेश यादव ने संसद के बाहर हुए हालिया विरोध-प्रदर्शनों की वजह भी उजागर की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास का रुख करना पड़ा था।

सपा अध्यक्ष ने कहा, "कल हम पीएम आवास पर मजबूरी में गए थे। यदि सरकार संसद के भीतर ही हमारी बात सुन लेती और संवेदनशील होकर इस पर चर्चा करती, तो हमें वहां जाने की नौबत ही नहीं आती।"

उन्होंने सरकार के दोहरे रवैये पर चुटकी लेते हुए सवाल उठाया कि जब सत्ता में बैठे लोग युवाओं के मुद्दों पर सदन के बाहर लंबे-चौड़े बयान दे सकते हैं, तो फिर वे देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर (सदन) के अंदर आकर इन गंभीर सवालों का जवाब देने से क्यों कतरा रहे हैं? सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस तेवर से संसद का माहौल पूरी तरह गरमा गया।

Location :  New Delhi

Published :  22 July 2026, 12:38 PM IST

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