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अमेरिका-ईरान में छिड़ी सीधी जंग (Img- X)
Washington: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के 5 तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर जोरदार पलटवार किया।
हालांकि, जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 18 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि 2 मिसाइलें खाली इलाकों में गिरीं। इस जवाबी हमले से पूरे क्षेत्र में युद्ध की आहट तेज हो गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान ने लगातार दो दिनों तक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसके जवाब में अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में 4 और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप के पास 1 ईरानी तेल टैंकर पर सटीक हमले किए।
अमेरिका का दावा है कि ये टैंकर ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के उस 'शैडो नेटवर्क' का हिस्सा थे, जो अरबों डॉलर की अवैध कमाई से सैन्य गतिविधियों की फंडिंग करता था।
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अमेरिकी हमलों का सबसे संवेदनशील हिस्सा खार्ग द्वीप रहा, जो ईरान के कुल 90% कच्चे तेल का मुख्य निर्यात केंद्र है। मुख्य भूमि से पाइपलाइनों के जरिए कच्चा तेल इसी द्वीप तक लाया जाता है।
खार्ग द्वीप के इतने करीब सैन्य कार्रवाई होने से पूरी दुनिया में कच्चे तेल की आपूर्ति ठप होने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कोलंबिया में स्पष्ट चेतावनी दी कि अमेरिकी जहाजों पर हमले का करारा जवाब आगे भी जारी रहेगा।
अमेरिकी कार्रवाई से बौखलाए ईरान ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर खड़े जहाजों को तुरंत खाली करने की चेतावनी दी है। IRGC का कहना है कि अमेरिकी पक्ष से जुड़ा कोई भी जहाज चाहे समुद्र में हो या बंदरगाह पर, अब सुरक्षित नहीं रहेगा। 5 सितंबर के पिछले हमले के बाद लगातार दूसरी बार हुए इस बड़े सैन्य टकराव ने वैश्विक आर्थिक और सुरक्षा समीकरणों को हिलाकर रख दिया है।
Location : Washington,
Published : 9 September 2026, 8:51 AM IST