CEC ज्ञानेश कुमार के घर पर हुए हंगामे पर माता-पिता ने जताई नाराजगी, बोले- दिल्ली जाकर करें विरोध, घर को क्यों बनाया निशाना

आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन और आपत्तिजनक नारे बाजी के बाद सियासत गरमा गई है। इस घटना से आहत उनके बुजुर्ग माता-पिता ने दुख जताया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 7 October 2026, 11:42 AM IST
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Agra: आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के पुश्तैनी घर को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब एक धार्मिक कार्यक्रम तक पहुंच गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन (INDIA Bloc Protest) और घर के बाहर आपत्तिजनक शब्द लिखे जाने के बाद मंगलवार को विजयनगर स्थित उनके पुश्तैनी घर पर गंगाजल से शुद्धिकरण की रस्म निभाई गई। इस कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने 'मंगल कलश यात्रा' निकाली, शंख बजाए और सुंदरकांड का पाठ किया।

राधा-कृष्ण मंदिर से शुरू हुई मंगल कलश यात्रा

अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा की देखरेख में 'सकल वैश्य समाज' और स्थानीय नागरिकों ने राधा-कृष्ण मंदिर से एक मंगल कलश यात्रा का आयोजन किया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर विजयनगर में ज्ञानेश कुमार के पुश्तैनी घर तक मार्च किया। घर पर वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच गंगाजल का छिड़काव किया गया। इसके बाद सुंदरकांड का पाठ और भजन-कीर्तन हुआ। इस कार्यक्रम में ज्ञानेश कुमार के बुजुर्ग माता-पिता भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।

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28 सितंबर के विरोध-प्रदर्शन के बाद बढ़ा विवाद

यह विवाद 28 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के पुश्तैनी घर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं (INDIA Bloc Protest) द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन से शुरू हुआ था। आरोप है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान घर की बाहरी दीवार और गेट पर कालिख पोत दी गई थी और उन पर "वोट चोर" और "गद्दार" जैसे शब्द लिखे गए थे। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की। बाद में अदालत ने गिरफ्तार किए गए छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी। खबरों के अनुसार, कुल 27 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, जिनमें नौ नामजद व्यक्ति शामिल थे।

बुजुर्ग माता-पिता ने जताया दुख

शुद्धि-पूजा के दौरान ज्ञानेश कुमार की मां सत्यवती देवी और पिता सुबोध गुप्ता ने विरोध प्रदर्शन की घटना पर अपना दुख जताया। उनकी मां ने कहा कि घर के बाहर बने माहौल से परिवार को बहुत परेशानी हुई, जिसके कारण उन्हें शुद्धि-पूजा करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सभी के मन की शुद्धि के लिए भी एक प्रार्थना थी। वहीं, सुबोध गुप्ता ने कहा कि उनका परिवार हमेशा देश की सेवा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी को ज्ञानेश कुमार के काम करने के तरीके या स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया पर कोई आपत्ति थी, तो विरोध उनके पैतृक घर के बजाय उनके बेटे के ऑफिस या दिल्ली में किया जाना चाहिए था।

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SIR को लेकर राजनीतिक गतिरोध जारी

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर कांग्रेस और अन्य पार्टियों का ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ विरोध जारी है। जहां विपक्षी पार्टियां इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही हैं, वहीं चुनाव आयोग SIR को वोटर लिस्ट को अपडेट और साफ-सुथरा बनाने का एक तरीका मानता है। आगरा की इस घटना ने राजनीतिक विरोध, संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को निशाना बनाकर किए जाने वाले सार्वजनिक प्रदर्शन और निजी घरों से जुड़े राजनीतिक शिष्टाचार जैसे मुद्दों पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। मंगलवार को एक धार्मिक सभा के दौरान समुदाय के लोगों ने बुजुर्ग माता-पिता के घर पर हुए विरोध प्रदर्शन को अनुचित बताया और उनकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Location :  Agra

Published :  7 October 2026, 11:42 AM IST

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