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कानपुर में वायरल हुए ‘मैं ठाकुर हूं’ वीडियो के बाद HDFC बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह भदौरिया ने खुद को बदनाम किए जाने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी ने भी वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है। मामला अब कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ता दिख रहा है।
HDFC बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह भदौरिया
Kanpur News: कानपुर में एक वायरल वीडियो ने बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी दो महिला कर्मचारियों को सुर्खियों में ला दिया है। वीडियो में HDFC बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह भदौरिया गुस्से में कहती सुनाई दे रही हैं- “मैं ठाकुर हूं, तेरी ऐसी की तैसी कर दूंगी।” इसके बाद मामला इतना बढ़ा कि अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
6 जनवरी का बताया जा रहा यह वीडियो 8 फरवरी को सोशल मीडिया पर सामने आया। क्लिप में आस्था लैपटॉप उठाकर किसी पर हमला करने की कोशिश करती दिखती हैं। वीडियो वायरल होते ही बहस छिड़ गई और दूसरी कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी के साथ उनका विवाद सार्वजनिक हो गया।
आस्था का दावा- मुझे बदनाम किया गया
आस्था सिंह ने कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। उनका आरोप है कि ऋतु त्रिपाठी ने उनके चरित्र पर सवाल उठाए, जो किसी महिला के लिए सबसे बड़ा आघात होता है। आस्था ने कहा कि जब लोगों को कोई ठोस मुद्दा नहीं मिलता तो वे महिलाओं के चरित्र पर उंगली उठाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह मानसिक तनाव में हैं और उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि वह टूट चुकी हैं।
आस्था के मुताबिक, उन्होंने पनकी थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मानहानि का केस करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि जाति को लेकर ‘ठाकुर’ शब्द को जानबूझकर उछाला गया। उन्होंने कहा, “आपने मेरी जाति पूछी तो मैंने बताया कि मैं ठाकुर हूं और मुझसे तमीज से बात करने को कहा। एक महीने बाद वीडियो वायरल कर दिया गया।”
नौकरी और चरित्र दोनों पर उठे सवाल
ऋतु के सीनियर्स के साथ घूमने-फिरने के आरोपों पर आस्था ने कहा कि उनकी प्रोफाइल सेल्स की है, जिसमें क्लाइंट विजिट और बाहर जाना काम का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाया कि 15 दिसंबर 2025 को जॉइन करने वाली कर्मचारी पांच साल पुराने स्टाफ को कैसे धमका सकती है।
ऋतु का जवाब- मेरी इज्जत दांव पर
वहीं, सोशल मीडिया पर ऋतु त्रिपाठी का भी वीडियो सामने आया है। उन्होंने कहा कि परिवार की बेइज्जती हुई है और उन्हें गालियां दी गई। उन्होंने खुद को “कानपुर की बेटी” बताते हुए समर्थन की अपील की और कहा कि अगर वह गलत नहीं हैं तो लोग उनका साथ दें। फिलहाल मामला सोशल मीडिया से निकलकर कानूनी दायरे में पहुंचता दिख रहा है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं और जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।