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प्रतीकात्मक छवि (Source Internet)
वॉशिंगटन: अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव में भारतीय मूल के कई उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें ओहियो के गवर्नर पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य रो खन्ना और प्रमिला जयपाल जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। इसके अलावा अमी बेरा, सुहास सुब्रमण्यम, अरुणा मिलर और नित्या रमन समेत कई उम्मीदवार अलग-अलग पदों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के पदों के लिए भी मतदान हो रहा है। इन चुनावों के नतीजों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के शेष दो वर्षों के लिए कांग्रेस में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों की स्थिति तय होगी।
भारतीय मूल के सबसे चर्चित उम्मीदवारों में विवेक रामास्वामी का नाम शामिल है। रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर वह ओहियो के गवर्नर पद का चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से है। रामास्वामी बायोटेक उद्यमी हैं और 2024 के रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के नामांकन की दौड़ के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेटिक सदस्य रो खन्ना कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से फिर चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन से है। इस तरह इस सीट पर भारतीय मूल के दो उम्मीदवार अलग-अलग पार्टियों से आमने-सामने हैं।
वहीं, वॉशिंगटन के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमिला जयपाल भी एक और कार्यकाल के लिए चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव सेठ हैं, जो भारतीय मूल के हैं।
इनके अलावा कैलिफोर्निया के तीसरे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमी बेरा और वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सुहास सुब्रमण्यम भी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।
भारतीय मूल के अन्य उम्मीदवारों में अमीश शाह और पिया डंडिया के नाम शामिल हैं। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अमीश शाह एरिजोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि पिया डंडिया फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से मैदान में हैं।
रिपब्लिकन उम्मीदवार महेश गनोर्कर नॉर्थ कैरोलिना के चौथे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार संदीप दीक्षित ओहियो और अनिल कुमार मिशिगन से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पूजा सेठी हाउस डिस्ट्रिक्ट 47 से और संदीप श्रीवास्तव डिस्ट्रिक्ट 66 से चुनाव लड़ रहे हैं।
भारतीय मूल की उम्मीदवार अमेरिकी कांग्रेस के अलावा राज्य और स्थानीय स्तर के चुनावों में भी हिस्सा ले रही हैं। मैरीलैंड की मौजूदा लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रही हैं। न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिथा कोमाटिरेड्डी का मुकाबला मौजूदा डेमोक्रेटिक अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स से है।
मैसाचुसेट्स में निर्दलीय उम्मीदवार शिवा अय्यादुरई अमेरिकी सीनेट की सीट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, लॉस एंजिलिस की सिटी काउंसिल सदस्य नित्या रमन मेयर पद के चुनाव में मौजूदा मेयर करेन बास को चुनौती दे रही हैं।
स्थानीय स्तर पर भी भारतीय मूल के कई उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें सॉल्ट लेक काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी सिम गिल, ओकलैंड सिटी काउंसिल की सदस्य जननी रामचंद्रन और जॉर्जिया में फुल्टन काउंटी कमीशन के लिए चुनाव लड़ रहे रोहित मल्होत्रा शामिल हैं।
इन चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की मौजूदगी अमेरिकी राजनीति में उनके प्रतिनिधित्व को लेकर भी ध्यान आकर्षित कर रही है। इस बार कुछ मौजूदा भारतीय-अमेरिकी सांसद पार्टी के नामांकन की दौड़ में बाहर हो गए हैं। राजा कृष्णमूर्ति इलिनॉय से सीनेट के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी हार गए, जबकि मिशिगन के श्री थानेदार भी अपनी पार्टी का नामांकन हासिल नहीं कर सके।
ऐसे में चुनाव परिणामों से अमेरिकी कांग्रेस, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन में भारतीय मूल के प्रतिनिधियों की संख्या पर असर पड़ सकता है।
Location : New Delhi
Published : 3 November 2026, 3:21 PM IST