क्या LinkedIn कर रहा है आपकी जासूसी? रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा, यहां जानें पूरा सच

LinkedIn पर यूजर्स के ब्राउजर डेटा को बिना सहमति स्कैन करने के आरोप लगे हैं। ‘BrowserGate’ रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्लेटफॉर्म एक्सटेंशन की जानकारी जुटा सकता है, जिससे प्राइवेसी को खतरा हो सकता है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 6 April 2026, 2:54 PM IST
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New Delhi: पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म LinkedIn एक नए विवाद में घिर गया है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह प्लेटफॉर्म यूजर्स की सहमति के बिना उनके वेब ब्राउजर की जांच कर रहा है। इस खुलासे के बाद डेटा प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

‘BrowserGate’ अभियान में हुआ खुलासा

यूरोपीय डिजिटल अधिकार समूह Fairlinked e.V. द्वारा चलाए गए “BrowserGate” अभियान के तहत यह जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार, LinkedIn यूजर्स के ब्राउजर में इंस्टॉल किए गए सॉफ्टवेयर और एक्सटेंशन की जानकारी चुपचाप जुटा सकता है।

छिपे जावास्क्रिप्ट कोड का इस्तेमाल

जांच में दावा किया गया है कि प्लेटफॉर्म छिपे हुए जावास्क्रिप्ट कोड का उपयोग करता है। जैसे ही यूजर साइट खोलता है, यह कोड बैकग्राउंड में एक्टिव हो जाता है और ब्राउजर में इंस्टॉल एक्सटेंशनों की जांच शुरू कर देता है। यह प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि यूजर को इसकी भनक तक नहीं लगती।

इन ब्राउजरों पर ज्यादा असर

रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्कैनिंग खासतौर पर Google Chrome, Microsoft Edge, Opera, Brave और Arc जैसे ब्राउजरों पर सक्रिय होती है। वहीं Firefox और Safari यूजर्स पर इसका असर नहीं पाया गया है।

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कैसे जुटाई जाती है जानकारी?

जावास्क्रिप्ट कोड ब्राउजर एक्सटेंशन से जुड़ी सार्वजनिक फाइलों को एक्सेस करने की कोशिश करता है। इससे यह पता लगाया जाता है कि यूजर के डिवाइस में कौन-कौन से ऐड-ऑन इंस्टॉल हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ कुछ मिलीसेकंड लगते हैं और यूजर को कोई नोटिफिकेशन भी नहीं मिलता।

यूजर की पहचान और कामकाज पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जानकारी से यूजर की पहचान और उसके काम करने के तरीके के बारे में काफी कुछ पता लगाया जा सकता है। LinkedIn प्रोफाइल में पहले से ही नौकरी, कंपनी और स्किल्स जैसी जानकारी होती है। ऐसे में एक्सटेंशन डेटा के साथ मिलाकर यूजर के प्रोफेशनल व्यवहार का गहराई से विश्लेषण किया जा सकता है।

कॉर्पोरेट जासूसी की आशंका

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस तरह की जानकारी का इस्तेमाल कॉर्पोरेट खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा सकता है। इससे यह समझा जा सकता है कि किसी कंपनी में कौन सी तकनीक और सॉफ्टवेयर उपयोग में हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है।

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LinkedIn की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं

हालांकि, खबर लिखे जाने तक LinkedIn की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी इन दावों को स्वीकार करती है या नहीं।

Location :  New Delhi

Published :  6 April 2026, 2:54 PM IST

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