Manmohan Singh: आखिर क्यों उर्दू भाषा से इतना प्यार करते थे डॉ. मनमोहन सिंह? बचपन से जुड़ा है किस्सा

डॉ. मनमोहन सिंह एक महान नेता और अर्थशास्त्री तो थे ही, वहीं वे उर्दू प्रेमी भी थे। डाइनामाइट न्यूज़ पर पढ़िए पूरी खबर

Updated : 28 December 2024, 3:16 PM IST
google-preferred

नई दिल्ली: देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से पूरे देश में गमगीन माहौल है। डॉ. मनमोहन सिंह एक महान नेता और अर्थशास्त्री तो थे ही, वहीं वे उर्दू प्रेमी भी थे।

डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार, डॉ. मनमोहन सिंह 10 सालों तक प्रधानमंत्री रहे, ऐसे में उन्होंने कई भाषण दिए, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मनमोहन सिंह के सभी भाषण उर्दू में लिखे होते थे। साथ ही उनके भाषणों को उर्दू के साथ-साथ पंजाबी भाषा की गुरुमुखी लिपी और अंग्रेजी में भी लिखा जाता था।

उर्दू मीडियम से पढ़ाई की थी

मनमोहन सिंह की शुरुआती शिक्षा जिस इलाके से हुई है, वो आज पाकिस्तान में है। मनमोहन सिंह उस समय उर्दू मीडियम से पढ़ाई कर रहे थे, इसलिए उन्हें उर्दू में लिखना पढ़ना अच्छे से आता था। 

इसके अलावा उन्ह पंजाबी भाषा की गुरुमुखी लिपी भी काफी अच्छे से आती थी साथ ही उन्हें अंग्रेजी की भी खूब जानकारी थी। उन्होंने अंग्रेजी में कई महत्वपूर्व किताबे लिखी है। 

 

हिंदी पढ़नी नहीं आती थी 

बता दें कि मनमोहन सिंह के निधन पर उनके मीडिया सलाहकार रहे संजय बारु के बारे में बताया कि उन्हें हिंदी पढ़ना नहीं आता था इसलिए उनके भाषण या तो गुरुमुखी में लिखे होते थे या फिर उर्दू में लिखे होते थे। 

उनका उर्दू के लिए प्रेम तो हमें संसद में भी देखने को मिलता था। डॉ. मनमोहन सिंह कई बार संसद में उर्दू की कई कविताएं और शायरी सुनाते भी नज़र आया करते थे। 

पचतत्व में विलीन हुए पूर्व प्रधानमंत्री

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और महान अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर राजकीय सम्मान के साथ पचतत्व में विलीन हो गया। दिल्ली स्थित निगम बोध घाट में पहुंचे तमाम आम-ओ खास ने महानुभाव को अंतिम विदाई दी। उनको सेना ने  सलामी दी और राजकीय सम्माने के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। 

92 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

बता दें कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत के प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर, गुरुवार देर रात को 92 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। AIIMS ने खुद उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉ. सिंह ने रात 9 बजकर 51 मिनट पर दुनिया को अलविदा कह दिया।

Published : 
  • 28 December 2024, 3:16 PM IST

Advertisement
Advertisement