Varanasi News: वाराणसी में भाजपा पार्षद के पति को बंधक बनाया, घटना का विडियो वायरल

वाराणसी में सीवर की समस्या से परेशान हुए लोग, बीजेपी पार्षद के पति और जेई को बनाया बंधक,पूरी ख़बर डाइनामाइट न्यूज़ पर

Updated : 11 March 2024, 11:40 AM IST
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नई दिल्ली: वाराणसी से एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है जहां लोगों ने एक पार्षद के पति और एक जेई को रस्सियों से बांधकर बंधक बना लिया।  दरअसल वाराणसी के भेलूपुर क्षेत्र के सरायनंदन वार्ड के भाजपा पार्षद के पति को कल रविवार की सुबह से ही क्षेत्र के गुस्से का सामना करना पड़ा और आक्रोशित से जनता उन्हें बंधक बना लिया।  

जनता इस बात से नाराज थी कि बीते 10 दिनों से इलाके में बहती सीवर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।  
लोगों ने इस दौरान जल निगम के जेई को भी बंधक बना लिया लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।  

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मामले का संज्ञान खुद वाराणसी के भारतीय जनता पार्टी के महापौर ने भी लिया है और जल्द समाधान का भी वादा किया है।  मामला वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड संख्या 51 सरायनंदन का है।  

भाजपा पार्षद रीता सेठ के पति अशोक सेठ को उस वक्त क्षेत्र की जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा जब वह इलाके से गुजर रहे थे. लाख समझाने के बावजूद आक्रोशित जनता ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और बंधक बना दिया। 

इस दौरान आक्रोशित जनता ने जल निगम और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. बेबस दिख रहे पार्षद पति अशोक सेठ ने बताया कि बीते 10 दिनों से उनके इलाके में सीवर की समस्या बनी हुई है। 

 जिससे डायरिया और अन्य संक्रामक बीमारियां भी पहले फैल चुकी हैं, लेकिन इस बारे में कई बार जल निगम नगर निगम और गंगा प्रदूषण बोर्ड से शिकायत करने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।  इसके बाद क्षेत्र की जनता ने उन्हें बंधक बना लिया है और कई घंटे बीत जाने के बाद भी वह भूखे प्यासे जनता के बीच में बंधक बने हुए हैं।  

हालांकि उन्होंने बताया कि उन्हें जनता से किसी तरह की शिकायत नहीं है क्योंकि उनकी मांग जायज है।   पार्षद पति ने भरोसा भी दिलाया कि समस्या का जल्द समाधान निकल जाएगा, लेकिन इलाके की जनता यह सुनने को तैयार नहीं है और उन्हें बंधक बनाकर रखा है।  

मेयर ने लिया संज्ञान

तो वहीं वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि यह समस्या उनके संज्ञान में है और पिछले तीन-चार महीने से उनके पार्षद इस समस्या को उठा भी रहे हैं।  लेकिन इलाके की पाइपलाइन जल निगम और गंगा प्रदूषण बोर्ड की है।  बार-बार कहने के बावजूद यह विभाग ध्यान नहीं दे रहे थे।  उन्होंने बताया कि पार्षद प्रतिनिधि वहां गए हैं और विषय को उठाया है और उम्मीद है कि काम शुरू भी हो गया है।  उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम के नगर आयुक्त और जल निगम के जीएम को भी बता दिया गया है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।  भारतीय जनता पार्टी के मेयर अशोक तिवारी ने खुद इस मामले को घोर लापरवाही बताया। 

Published : 
  • 11 March 2024, 11:40 AM IST

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