महापर्व छठः काशी के घाटों में दिखा अद्भुत नजारा.. अस्ताचलगामी सूर्य को कुछ इस तरह दिया गया ‘अर्घ्य’

डीएन संवाददाता

उत्तर प्रदेश की काशी नगरी में महापर्व छठ पर आज घाटों में अद्भुत नजारा देखा गया। यहां घाटों में उमड़े श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को विशेष तरीके से अर्घ्य दिया। वहीं घाटों में छठ माई के गानों से माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान प्रशासन भी सतर्क नजर आया। डाइनामाइट न्यूज़ की खबर में पढ़ें छठ पर काशी के घाटों में कैसा रहा नजारा


वाराणसीः आस्था का महापर्व छठ की छटा सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रही है। यहां वाराणसी में जिस तरह से श्रद्धालुओं में महापर्व छठ को लेकर जो अनूठा उत्साह दिखाई दे रहा है वह देखने लायक है। वाराणसी के छठ घाटों में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं। यहां आज शाम को व्रती महिलाओं और पुरुषों ने अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया।        

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इस दौरान घाटों में ' काचहि बास के बहंगिया बहंगी लचकत जाए, दर्शन दीन्हीं ना अपन ये छठी मइया' आदि छठ के गीतों से माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। दोपहर बाद से ही महिलाओं का वाराणसी के घाटों व सरोवरों में जुटना प्रारम्भ हो गया था।       

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शाम को ठीक 5 बजकर 15 मिनट पर महिलाओं ने छठ घाटों में खड़े होकर भगवान भाष्कर को अर्घ्य दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में जुटी व्रतियों ने पूरे विधि- विधान से छठ मईया की पूजा कर परिवार की खुशहाली की कामना की।  

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इस अवसर पर छठ घाट में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिये पहुंची व्रती संध्या गुप्ता ने बताया कि छठ मईया की पूजा से मेरे पति की नौकरी लगी, मेरा घर बना और परिवार में सब लोग अच्छे से रह रहे हैं। यह सब छठ मां के आशीर्वाद से हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी मनोकामना लेकर अगर सच्चे मन से छठ मईया की पूजा की जाय तो वह जरूर पूरी होती है। उन्होंने कहा कि आज शाम को ढलते व कल भोर में निकलते सूर्य को अर्घ्य देकर यह पूजा पूरी होगी।
 

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