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बुलंदशहरः उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सोमवार को गोकशी के शक में हिंदू संगठनों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया जिसने देखते ही देखते बड़ी हिंसा का रूप ले लिया। यहां गुस्साएं लोगों ने चिंगरावठी चौराहे पर हंगामा करते हुए पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। जिससे स्याना कोतवाली प्रभारी सुबोध कुमार की गोली लगने से मौत हो गई। साथ ही ग्रामीण यहां नहीं रुके और उनके पथराव ने कई अन्य पुलिस वालों को भी घायल कर दिया। फायरिंग के दौरान एक युवक की भी गोली लगने से मौत हुई है।
हिंसा को लेकर वो पांच बातें जिनमें छुपा है राज
1. घटना सोमवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच की बताई जा रही है। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या यह पहले से ही सुनीयोजित तो नहीं था कि यहां पर इसी समय हिंसा भड़कानी है जब लोग अपने दैनिक कार्यों को निपटाने के लिए इधर से उधर जा रहे हो।
2. स्याना में अवैध बूचड़खाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने ही नहीं बल्कि तीन गांवों से पहुंचे 400 ग्रामीणों के साथ मिलकर हिंदू संगठनों ने यहां पुलिस थाने में जमकर तोड़फोड़ की और इसे आग के हवाले कर दिया।
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3. पुलिस चौकी पर मची हिंसा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस भारी भीड़ ने यहां देड़ दर्जन से अधिक पुलिस के वाहनों में आग लगा दी और इससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। जिससे वहां पर आग और धुएं के बीच चारों तरफ से पत्थरबाजी हो रही थी और फायरिंग की आवाजों ने पुलिस वालों के रोंगटे खड़े कर दिए।
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4. गोकशी को लेकर यहां पहुंची भारी भीड़ का आक्रोश इतना चरम पर आ गया इन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया और पत्थरबाजी और फायरिंग के बीच इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार सिंह की जान चली गई। यहीं नहीं जब इंस्पेक्टर को गोली लगी तो वहां मौजूद उनके सहकर्मी पुलिस वाले वहां से भाग खड़े हुए और थाने में कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
5. आक्रोशित भीड़ की पत्थरबाजी से घायल हुए अन्य पुलिसकर्मियों ने खेत में भागकर अपनी जान बचाई नहीं तो उन्हें भी इनकी पत्थरबाजी और गोली का शिकार होना पड़ता।
घटना के बाद से अब योगी सरकार एक बार फिर कटघरे में आ गई है कि आखिर कब तक प्रदेश में कभी मुज्जफरनगर कभी मेरठ और अब बुलंदशहर में ऐसी सांप्रदायिक हिंसा फैलती रहेगी जिसमें मासूम लोगों और पुलिस प्रशासन के सिपाहियों व अधिकारियों की जानें जाती रहेंगी। अब बड़ा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि आखिर गोकशी की आड़ में प्रदेश को आग में झोकने और हिंसा फैलाने वाले ये कौन से संगठन है जिनकी पहचान करने में योगी सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।
Published : 3 December 2018, 6:38 PM IST
Topics : bulandshahr violence अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश गोकशी पुलिस फायरिंग बुलंदशहर योगी सरकार सपा हिंसा
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