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बलियाः यूपी के विकास खंड के गांव पान्डेयपुर में शनिवार की शाम को भाई की चिता को मुखाग्नि देकर एक बहन ने सदियों से चली आ रही परंपराओं को तोड़कर समाज में एक नई मिसाल कायम की है। वहीं बहन की जिद के आगे परिवार ही नहीं पूरे गांव की भी एक न चली। बहन के भाई की चिता को मुखाग्नि दी तो गांव में लोग तरह-तरह की बातें करने लगे।
गांव वाले उसे परंपराओं की दुहाई देने लगे लेकिन बहन की आस्था के सामने उनकी एक न चले।बहन ने भाई की चिता को मुखाग्नि देकर परंपराओं को तोड़ दिया। गौरतलब है कि विकास खंड के गांव पान्डेयपुर में ओमप्रकाश पान्डेय 40 पुत्र सूर्यनाथ पान्डेय की शनिवार को मौत हो गई। जब उनके अंतिम संस्कार के लिए परिवार और ग्रामीण इकट्ठा हुए तो तब मृतक की बहन ने जिद पकड़ ली कि उसके अलावा उसके भाई को कोई भी मुखाग्नि नहीं देगा।
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इस पर जब मृतक के चचेरे भाइयों व चाचा ने उसे ऐसा करने से मना किया तो वह नहीं मानी। मामला बढ़ता देख और बहन की जिद के आगे परिवार और गांव वाले ठंडे पड़ गए और एक बहन ने अपने हाथों से परंपराओं से अलग होकर अपने भाई की चिता को मुखाग्नि दी। इसके बाद से ही उसके गांव ही नहीं बल्कि आस-पास के गांवों में इसकी चर्चा हो रही है।
Published : 9 December 2018, 3:20 PM IST
Topics : आग उत्तर प्रदेश ग्रामीण चिता परंपरा परिवार बलिया बहन भाई रिति रिवाज
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