संरा यूएई जापान ने की पाकिस्तान भूकंप पीड़ितों की मदद की पेशकश

डीएन ब्यूरो

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और जापान के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के भूकंप पीड़ितों के पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता देने की पेशकश की है।

फाइल फोटो
फाइल फोटो

इस्लामाबाद: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और जापान के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के भूकंप पीड़ितों के पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता देने की पेशकश की है। पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने के लिए देश के पास सभी आवश्यक संसाधन मौजूद हैं।

यह भी पढ़ें: तुर्की,मलेशिया और पाकिस्तान चलायेंगे इस्लामिक टीवी चैनल

गौरतलब है कि पाकिस्तान के उत्तरी इलाके और उसके कब्जे वाले कश्मीर में बुधवार को 5.8 तीव्रता वाले भूकंप के कारण 40 लोगों की मौत हो गयी तथा 450 मकान क्षतिग्रस्त हो गये। गुरुवार को फिर से भूकंप के झटके महसूस किये गये जिसमें 75 लोग घायल हो गये। भूकंप के कारण 10 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान में हवाई हमला, नौ आतंकवादी ढेर

पाकिस्तान में यूएई के राजदूत हमद अलजाबी ने बुधवार देर रात अपने देश की ओर से सहायता की पेशकश करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा मुझे अबू धाबी से सीधे निर्देश मिले हैं कि पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में भूकंप से प्रभावित परिवारों और क्षेत्रों को सभी प्रकार की सहायता और समर्थन प्रदान करें। एनडीएमए के उप-निदेशक (मीडिया) मुमताज ने कहा पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि ने प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के पुनर्वास के लिए पूर्ण समर्थन की पेशकश की है।

यह भी पढ़ें: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत: पाकिस्तान ने बालकोट शिविर को फिर सक्रिय किया

उन्होंने कहा कि जापान ने भूकंप पीड़ितों का सहयोग करने के लिए हमसे संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को वर्तमान में किसी प्रकार के विदेशी सहायता की दरकार नहीं है क्योंकि इसके पास सभी आवश्यक संसाधन’ मौजूद हैं। पाकिस्तान में इससे पहले अक्टूबर 2015 में 7.5 तीव्रता के भूकंप ने विभिन्न इलाके में लगभग 400 लोगों की मौत हुइई थी। अक्टूबर 2005 में, 7.6 तीव्रता के भूकंप से विभिन्न इलाकों विशेषकर कश्मीर में 73,000 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग 35 लाख लोग बेघर हो गए थे। (वार्ता)

(डाइनामाइट न्यूज़ के ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)






संबंधित समाचार