मनसे नेता पर हमले के आरोपी को शिवसेना (यूबीटी) से काम का ठेका मिलने की थी उम्मीद
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता संदीप देशपांडे पर मार्च में महाराष्ट्र राज्य मथाडी और जनरल कामगार सेना के एक पदाधिकारी और उसके सहयोगियों ने इस उम्मीद में हमला किया था कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का गुट उन्हें काम के अनुबंध के साथ पुरस्कृत करेगा। पढ़िये पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर
मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नेता संदीप देशपांडे पर मार्च में महाराष्ट्र राज्य मथाडी और जनरल कामगार सेना के एक पदाधिकारी और उसके सहयोगियों ने इस उम्मीद में हमला किया था कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का गुट उन्हें काम के अनुबंध के साथ पुरस्कृत करेगा।
मुंबई पुलिस द्वारा इस संबंध में दाखिल आरोपपत्र में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक, आरोपियों ने यह भी सोचा था कि उन्हें शिवसेना (यूबीटी) से सहानुभूति मिलेगी।
एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि अपराध शाखा ने पिछले सप्ताह एक अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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देशपांडे तीन मार्च को मध्य मुंबई में दादर के शिवाजी पार्क इलाके में सुबह की सैर के दौरान तीन लोगों द्वारा क्रिकेट स्टंप से हमला करने के बाद घायल हो गए थे।
पुलिस ने महाराष्ट्र राज्य मथाडी और जनरल कामगार सेना के उपाध्यक्ष अशोक खरात और उनके सहयोगी किसान सोलंकी, विकास चावरिया और मोहम्मद खान को गिरफ्तार किया था।
अधिकारी ने आरोप पत्र में नामजद अभियुक्तों के अलावा किसी भी राजनीतिक नेता की संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा कि हमले में शामिल दो अन्य आरोपी फरार हैं। उनमें से एक छोटा राजन गिरोह का सदस्य है।
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उन्होंने कहा कि हमले के पीछे की मंशा की जांच करते हुए अपराध शाखा के अधिकारियों ने पाया कि खरात और उनके सहयोगी उम्मीद कर रहे थे कि अगर वे देशपांडे पर हमला करते हैं, तो शिवसेना (यूबीटी) उन्हें काम के अनुबंध से पुरस्कृत करेगी।
अधिकारी ने कहा कि खरात ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि उस समय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में भ्रष्टाचार के लिए ठाकरे गुट को निशाना बनाया जा रहा था और देशपांडे अक्सर ठाकरे विरोधी टिप्पणी कर रहे थे।
पुलिस ने सबूत के तौर पर इलाके के सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जमा किए हैं।