
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म से संबंधित एक मामले पर दिये गये इलाहाबाद हाईकोर्ट के विवादित फैसले पर रोक लगा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले पर कई टिप्पणियां की जा रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि यह फैसला असंवेदनशीलता और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस विवादित आदेश का गई स्वत: संज्ञान लिया था। उच्च न्यायालय के विवादास्पद टिप्पणियों पर सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, यूपी सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया।
न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश की ओर से पूरी तरह असंवेदनशीलता है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि प्राइवेट पार्ट पकड़ना, पायजामा का नाड़ा खींचना दुष्कर्म के प्रयास का अपराध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टिप्पणी पूरी तरह असंवेदनशीलता और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, 'हम आमतौर पर इस स्तर पर आकर स्थगन देने में हिचकिचाते हैं, लेकिन टिप्पणियां कानून के दायरे से बाहर हैं और अमानवीय प्रतीत हो रही हैं, इसलिए हम इन टिप्पणियों पर स्थगन लगाते हैं।'
Published : 26 March 2025, 12:24 PM IST
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