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कोलंबो: श्रीलंका में चर्च में प्रार्थना के दौरान हुए धमाकों की जिम्मेदारी आज आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है। वहीं श्रीलंका के मंत्री रूवन विजयवर्धने ने कहा है कि शुरुआती जांच से पता चला है कि नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) ने अंतरराष्ट्रीय संगठन के सम्पर्क में आने के बाद यह हमला किया है।
श्रीलंका में 21 अप्रैल को चर्च और होटल में हुए एक के बाद एक धमाकों में 321 लोग मारे गए थे। 22 अप्रैल को एक बस स्टैंड से करीब 87 बम बरामद किए गए थे।

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आतंकवाद को रोकने का किया जाएगा हर प्रयास
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने आज कहा कि ईस्टर के दिन हमले करने वाला स्थानीय चरमपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजी) एक वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और सरकार आतंकवाद को देश में एक बार फिर सिर उठाने से रोकने के हरसंभव प्रयास करेगी।
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इस्लामी चरमपंथियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी भड़काऊ सामग्री
श्रीलंका के मंत्री रूवन विजयवर्धने ने बीते दिन बताया था कि हमले से पहले कुछ इस्लामिक चरमपंथी समूह के एक सदस्य ने न्यूजीलैंड क्राइस्टचर्च मस्जिद में शूटिंग के बाद सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री पोस्ट की थी।
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तौहीद जमात कैसे बन गया आतंकवादी संगठन
तौहीद जमात के सचिव अब्दुल रजाक को 2016 में जाति के मसले पर लोगों को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह संगठन छोटे-मोटे स्तर पर ही हिंसा फैलाने तक सीमित था। संगठन पर बौद्धस्थलों में तोड़फोड़ और बौद्ध समुदाय के नेताओं के खिलाफ गालीगलौज करने के आरोप लगते रहे। इसे स्थानीय स्तर का अतिवादी संगठन माना जाता था लेकिन धमाके के बाद से उसके तार आईएसआईएस से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
Published : 23 April 2019, 5:41 PM IST
Topics : आतंकवादी इस्लामिक स्टेट कोलंबो क्राइस्टचर्च चर्च चर्च में प्रार्थना नेशनल तौहीद जमात श्रीलंका
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