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नई दिल्लीः 25 जुलाई से श्रावण मास आरम्भ हो रहा है। इस महीन में भगवान शिव की सही तरीके से पूजा करने पर कई लाभ मिलते हैं। जानिए सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा का महत्व और सही विधि।

लोग अलग-अलग मनोकामनाओं के साथ विभिन्न प्रकार के शिवलिंग की पूजा करते हैं। मान्यता है कि सावन मास में शिवलिंग की विधि पूर्वक अर्चना करने से महादेव के साथ- साथ अन्य देवी-देवताओं के फल भी मिलते हैं।
श्रावण मास की कर्क संक्रान्ति की महत्ता प्रतिपादित करते हुए शिवपुराण की विद्येश्वर संहिता में लिखा है कि श्रावण मास में कर्क राशि में सूर्य के होने पर भगवान शिव के साथ अम्बिका का पूजन करें। वे सम्पूर्ण मनोवांछित भोगों और फलों को देने वाली हैं। सम्पन्नता, स्वास्थ्य और प्रगति की इच्छा रखने वाले सभी लोगों को उस दिन मां अम्बिका की पूजा अवश्य करनी चाहिए।

व्रत वाले दिन जल्दी उठें, नहाएं और साफ कपड़े पहनें और शिव मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करें। पूजा के दौरान शिवलिंग पर शहद, दही, दूध, घी और जल से अभिषेक करें। धतूरा, चंदन और भेलपत्र चढ़ाएं। शिव स्तोत्र, चालीसा और ओम मंत्र का जाप करें।
Published : 20 July 2021, 2:09 PM IST
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