हिंदी
संभल: एक बार फिर संभल को लेकर सियासत में गरमाहट देखने को मिल रही है। संभल के थाना नखासा क्षेत्र की रायसत्ती चौकी में हिरासत में 45 वर्षीय मजदूर इरफान की कथित मौत को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है।वहीं दूसरी ओर इरफान की पत्नी और बेटे ने चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
सपा प्रमुख ने संभल में इरफान की मौत के मामले को सरकार की नाकामी बताते हुए एक बार फिर उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार पर हमला बोला है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार संभल में पूछताछ के नाम पर घर से ले गये व्यक्ति की हिरासत में मौत होने से जनाक्रोश भड़क उठा है।
मंगलवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामियों के कारण यूपी में 'हिरासत में मौत' का सिलसिला थम नहीं रहा है।
जानें क्या है पूरा मामला?
बता दें कि, मुहल्ला खग्गू सराय में पल्लेदारी का काम करने वाला 45 वर्षीय इरफान परियों वाला मंदिर के पास अपने परिवार के साथ रहता था। इरफान पिछले कुछ समय से बीमार था, जिसकी वजह से काम छोड़ रखा है। पैसों के लेनदेन को लेकर इरफान और उसकी बहन शफीका बेगम के बीच विवाद था।

शफीका बेगम ने सोमवार को रायसत्ती पुलिस चौकी पर एक शिकायती पत्र देकर इरफान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत मिलने पर चार पुलिसकर्मी इरफान के घर पहुंचे और उसे चौकी ले आए। चौकी पहुंचते ही इरफान की हालत बिगड़ गई। पुलिसकर्मी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां डॅाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
Published : 21 January 2025, 8:13 PM IST
Topics : custody Dynamite News Laborer dies Manoj Tibrewal Aakash public anger flares Sambhal uppolice