हिंदी
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय केरल के सबरीमला स्थित अयप्पा मंदिर में 10 से 50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश से संबंधित फैसले की समीक्षा 22 जनवरी को करेगा।
यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने फतवे को लेकर पलटा उत्तराखंड हाईकोर्ट का आदेश.. जाने, क्या कहा..
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति रोहिंगटन एफ नरीमन, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की संविधान पीठ 49 पुनर्विचार याचिकाओं की खुली अदालत में सुनवाई पर सहमत हो गयी।

संविधान पीठ ने कहा कि वह सभी पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई अगले वर्ष 22 जनवरी को खुली अदालत में करेगी।
यह भी पढ़ें: CBI विवादः CVC ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष सीलबंद लिफाफे में पेश की जांच रिपोर्ट..
आमतौर पर पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई अदालत कक्ष में होती है।
इसी बीच, सबरीमला मामले में कुछ रिट याचिकाएं भी दायर की गयी हैं, जिन पर न्यायालय ने कहा है कि वह इन पुनरीक्षण याचिकाओं पर अंतिम फैसले के बाद सुनवाई करेगी। (वार्ता
Published : 13 November 2018, 8:00 PM IST
No related posts found.