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नई दिल्ली: कुछ दिनों से शांत राजस्थान की सियासी हलचल फिर अचानक तेज हो गयी है। राज्य में कल शुक्रवार से राजस्थान विधान सभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। कांग्रेस लंबे समय से सत्र शुरू करने की मांग करती आ रही है। लेकिन आज राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के एक ऐलान के बाद अशोक गहलोत सरकार पर फिर संकट मंडराने लगा है।
कल से राजस्थान में विधान सभा सत्र की शुरूआत से पहले भाजपा ने कहा कि वह कल ही सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। अब कांग्रेस समेत अशोक गहलोत सरकार के सामने राजस्थान में बहुमत साबित करने की नई चुनौती खड़ी हो गयी है। भाजपा ने भी जिस ऐन मौके पर यह ऐलान किया, उसको लेकर भी कई तरह के राजनीतिक कयास लगाये जा रहे हैं।
गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने एक बैठक भी की। इस महत्वपूर्ण बैठक में ही अविश्वास प्रस्ताव का फैसला लिया गया। जिसके बाद भाजपा ने सामने आकर इसकी घोषणा की। राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने गुरुवार को पार्टी की बैठक के बाद इसकी घोषणा की है। भाजपा का दावा है कि गहलोत सरकार के पास समर्थन नहीं है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने विरोधाभास से गिरेगी। पिछले एक महीने से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बीजेपी पर कई तरह के झूठे आरोप लगा रहे हैं, लेकिन सच ये है कि कांग्रेस पार्टी खुद ही दो फाड़ हो चुकी है और इनके आपस की अदावत से ही सरकार गिरेगी। उन्होंने यह भी कहा कि लेकिन इनके (कांग्रेस) घर के झगड़े से बीजेपी का कोई लेना देना नहीं है।
विधानसभा में भाजपा के नेता गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस अपने घर में टांका लगाकर कपड़े को जोड़ना चाह रही है, लेकिन कपड़ा फट चुका है ये सरकार जल्द ही गिरने वाली है।
Published : 13 August 2020, 4:52 PM IST
Topics : अविश्वास प्रस्ताव अशोक गहलोत कांग्रेस भाजपा मुख्यमंत्री राजनीति राजस्थान विधान सभा सत्र सरकार
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