कर्नाटक में बदलते सियासी समीकरण, मंत्रिमंडल का इस्तीफा दांव क्या बचा पाएगा सरकार?
कर्नाटक में एक बार फिर सियासी नाटक ने जोर पकड़ा है। कांग्रेस और जेडीएस के कुल 13 विधायकों के इस्तीफे के बाद एचडी कुमारस्वामी की सरकार संकट में है। वहीं सीएम कुमारास्वामी समेत सभी बड़े नेताओं का कहना है कि संकट को सुलझा लिया गया है। वहीं कर्नाटक मुद्दे को लेकर लोकसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। कर्नाटक से जुड़ी पल-पल की खबर पढ़ें डाइनामइट न्यूज़ पर..

नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक में सियासी उठापटक जारी है। पहले विधायकों के इस्तीफे और आज कांग्रेस और जेडीएस के सभी मंत्रियों का इस्तीफा, हालांकि नेता लगातार भाजपा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार सुचारू रूप से चलने की बात कह रहे हैं।
Karnataka CMO: All JD(S) minsters have resigned, like the 21 Congress ministers who had resigned, Cabinet will be restructured soon. pic.twitter.com/kiKUzGrbjL
— ANI (@ANI) July 8, 2019
कर्नाटक के राजनीतिक नाटक में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। कुमारस्वामी सरकार के 31 मंत्रियों ने आज इस्तीफे दे दिए हैं। वहीं कांग्रेस के 21, जेडीएस के 9 और एक निर्दलीय (एच नागेश) के इस्तीफे ने इस संकट को और बढ़ा दिया है।
हालांकि सीएम एचडी कुमारस्वामी अब भी पूरे विश्वास से कह रहे हैं कि उनकी सरकार को कुछ भी नहीं होने जा रहा है। सरकार अपना कार्यकाल पूरी स्थिरता के साथ पूरा करने जा रही है। साथ ही वह आपसी खींचतान पर कहते हैं कि सभी आपसी मामलों को बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाएगा।
दरअसल कर्नाटक सरकार के लिए उस समय संकट खड़ा हो गया था जब शनिवार को जेडीएस और कांग्रेस के 13 विधायकों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। जिससे राज्य की एचडी कुमारस्वामी सरकार बहुमत के अंक से केवल एक ऊपर है। ऐसे में सरकार को बचाने के लिए दोनों ही दल कांग्रेस और जेडीएस किसी भी नए फार्मूले पर विचार कर सकते हैं।
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माना जा रहा है कि कांग्रेस ने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल करने और असंतुष्ट विधायकों को उसमें जगह देने के लिए उसके मंत्रियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है।
हालांकि राजनीतिक सूत्रों की मानें तो कांग्रेस और जेडीएस बागी विधायकों को मनाने के लिए मंत्री पद देने का वादा कर रही है। इसके अलावा विशेष फंड दिए जाने की चर्चा है लेकिन सूत्रों को माने तो कांग्रेस के 10 और जेडीएस के तीन विधायकों ने इस ऑफर को ठुकरा दिया है।
Bengaluru: Karnataka Independent MLA Nagesh (in white shirt) who has resigned as a minister, boards a special flight for Mumbai pic.twitter.com/kuC7Q9K7uD
— ANI (@ANI) July 8, 2019
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार से समर्थन वापस लेने वाले निर्दलीय विधायक नागेश ने बीजेपी को समर्थन दे दिया है। इसको लेकर उन्होंने राज्यपाल को चिट्ठी लिख दी है।
Defence Minister Rajnath Singh in Lok Sabha: Our party has nothing to do with what is happening in Karnataka. Our party has never indulged in horse trading. pic.twitter.com/EqdWlBnXi1
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— ANI (@ANI) July 8, 2019
वहीं भाजपा पर कर्नाटक की प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के इल्जाम लग रहे हैं। जिसे लेकर कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा में आज जमकर हंगामा भी किया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस सियासी संकट के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कर्नाटक में जो कुछ हो रहा उससे भाजपा का किसी प्रकार से कोई लेना देना नहीं है।
भाजपा में भी बैठकों का दौर जारी
एक तरफ कांग्रेस में बैठकों का दौर चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी में भी बैठकें चल रही हैं। बीजेपी विधायक आर. अशोका, इस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से मुलाकात करने पहुंचे हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े
राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के अब 117 विधायक हैं, जिनमें स्पीकर के अलावा कांग्रेस के 78 विधायक, जदएस के 37 विधायक, बसपा का एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक शामिल है। अगर विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं तो मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की 13 माह पुरानी गठबंधन सरकार बहुमत खो देगी।