इस बार सावन में भगवान शिव की भक्तों पर रहेगी विशेष कृपा, विधिवत पूजन से पाएं मनोवांछित फल

डीएन ब्यूरो

भगवान शिव का माह माने जाने वाले सावन माह का शुभारंभ हो गया है। इस माह की शुरूआत होते हुए ही शिवालयों में भक्तों को भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गयी है। सावन माह के कई तरह के आध्यात्मिक महत्व है, लेकिन इस बार का सावन कुछ विशेष हैं। पढ़ें सावन पर विशेष लेख..

भगवास शिव का प्रतिदिन करें जलाभिषेक
भगवास शिव का प्रतिदिन करें जलाभिषेक

नई दिल्ली: भगवान शिव का माह माने जाने वाले पवित्र सावन का महीना आज से शुरू हो गया है। सावन माह के शुरू होते ही शिवालयों और मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़नी शुरू हो गयी है। पहले ही दिन शिवालय हर-हर महादेव के नारों से गूंजने लगा है। हालांकि सावन के महीने का हर दिन विशेष महत्व रखता है, लेकिन इस माह में सोमवार का दिन अति महत्वपूर्ण माना जाता है।

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इस बार सावन की शुरुआत शनिवार से होने की वजह से परिस्थितियां और भी अनुकूल बन रही हैं। वर्तमान के विरोधकृत संवत्सर के मंत्री शनि हैं और शनि को शिव का गण भी माना जाता हैं, इसलिए इस बार शिव भक्तों पर भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहेगी।

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देश की आध्यात्मिक और धार्मिक नगरी वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त उपकुलपति डॉ श्रीधर ओझा ने डाइनामाइट न्यूज़ से खास बातचीत में सावन माह के महत्वों को बताते हिए कहा कि यह माह भक्त समेत समूचे जगत के लिये अति महत्वपूर्ण है। यदि इस माह में कोई व्यक्ति हर सुबह केवल भगवान शिव को पानी चढ़ाता है तो उसकी कई मनोकामनाएं पूरीण हो जाती है और मनोवांछित फल प्राप्त होते हैं। 

 

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डॉ श्रीधर ओझा ने सावन महीने की उपलब्धता बताते हुए कहा कि सावन का महीना मुख्य रूप से शिव का महीना होता है । इसीलिए सावन के महीने में शिव की आराधना करने से सभी कष्टों से निवारण मिलता है। सावन के महीने भगवान शिव के ऊपर जलाभिषेक करने से शांति मिलती है और दूध से भगवान शिव का स्नान कराने से विद्या की प्राप्ति होती है। यदि अगर लक्ष्मी की प्राप्ति करनी है तो सावन के महीने में भगवान शिव के ऊपर मधु(शहद) को चढ़ाना चाहिए।

 

 

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सावन माह के 4 सोमवार 

30 अगस्त को सावन के सोमवार का पहला व्रत

6 अगस्त को सावन के सोमवार का दूसरा व्रत

13 अगस्त को  सावन के सोमवार का तीसरा दिन और हरियाली तीज

20 अगस्त को सावन का चौथा सोमवार व्रत

साथ ही 26 अगस्त को सावन का अन्तिम दिन पडेगा, इसी दिन रक्षाबन्धन मनाया जाता है।
 

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