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नई दिल्ली: आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। आज के दिन मां दूर्गा के नौ शक्तियों में से दूसरी शक्ति यानि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आराधना की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी भक्त मां ब्रह्मचारिणी की पूजा सच्चे मन से करते हैं उन्हें सभी कार्यों में सफलता मिलती है, इसके साथ ही इनकी उपासना करने से मनुष्य में अंदर त्याग, सदाचार, संयम और वैराग्य जैसे तमाम गुणों की वृद्धि होती है।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते समय इस मंत्र का करें जाप
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
कैसे है मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप
मां ब्रह्मचारिणी श्वेत वस्त्र धारण किये रहती हैं, और इनके दाहिने हाथ में माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल है। वो बिना किसी वाहन के नजर आती हैं।
जानिये क्यों माता पार्वती को ब्रह्मचारिणी कहा जाने लगा
ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कई हजार वर्षों तक ब्रह्मचारी रहकर कठोर तपस्या की थी। उनकी उसी कठोर तप के कारण उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ गया।
Published : 18 October 2020, 8:51 AM IST
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