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मिजोरम विधानसभा अध्यक्ष हिपहेई ने 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस्तीफा देकर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया है। हिपहेई को पूर्वोत्तर में ईसाई जनजातीय नेता के तौर पर जाना जाता है। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट में पढ़ें हिपहेई के इस्तीफे से क्या पड़ेगा असर
एजल: मिजोरम विधानसभा अध्यक्ष अौर वयोवृद्ध कांग्रेेसी नेता हिपहेई ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा उपाध्यक्ष आर लालरीनावामा को सौंपा। इस दौरान उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बी डी चकमा के अलावा अन्य लोग भी थे।
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इस घटनाक्रम ने पिछले कईं दिनों से जारी अटकलों को विराम दे दिया है जिनके बारे में तरह तरह की बातें की जा रही थी। वह पिछले कुुुछ दिनों से भाजपा नेताओं के साथ संपर्क में थे।

उनका मारा जनजातीय समुदाय में अच्छा प्रभाव है। वह सिआहा जिलेे की पालाक विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं अौर यह उनका गढ़ माना जाता है । वह सोमवार दोपहर बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय अटल भवन में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होंगेे।
यह घटनाक्रम कांग्रेेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि कांग्रेेस ने 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावोे में उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
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भाजपा नेता एच लालरूआता ने यूनीवार्ता को बताया कि उनका भाजपा के साथ जाना कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए एक बड़ा झटका होगा क्योेंकि उनकी पूर्वोत्तर में ईसाई जनजातीय नेता के तौर पर काफी ख्याति है।
वह पिछले हफ्ते गुवाहाटी गए थे और असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से मुलाकात के बाद नई दिल्ली गए थे और वहां वरिष्ठ भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद यहां लौटे थे। (varta)
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