मायावती ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का लगाया आरोप

डीएन ब्यूरो

लोकसभा चुनाव 2019 के मायावती ने कांग्रेस को सीटों को लेकर बाहर का रास्‍ता दिया था। उसका असर अब कांग्रेस और बसपा के रिश्‍तों में भी दिखने लगा है। मंगलवार को बसपा ने गठबंधन को मजबूत बताते हुए कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता पर कटाक्ष भी किया।

बसपा प्रमुख मायावती के साथ प्रफुल्लित मुद्रा में सोनिया गांधी और राहुल गांधी
बसपा प्रमुख मायावती के साथ प्रफुल्लित मुद्रा में सोनिया गांधी और राहुल गांधी

लखनऊ: लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के लिए उत्‍तर प्रदेश में 14 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है। 23 मई को चुनावों का परिणाम आना है। बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला किया है। माना जा रहा है कि उत्‍तर प्रदेश के बाद अब मायावती कांग्रेस को मध्‍य प्रदेश में एक और बड़ा झटका देने की तैयारी में हैं।

बसपा सुप्रीमो मायावती बीते दो दिन से उत्‍तर प्रदेश से बाहर थीं। मंगलवार को ही वह लखनऊ वापस लौटी हैं। उन्‍होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर हमला करते हुए ट्वीट किया है कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के मामले में कांग्रेस भी भाजपा से कम नहीं है। मध्‍य प्रदेश के गुना लोकसभा सीट पर बीएसपी उम्मीदवार को कांग्रेस ने डरा-धमकाकर जबर्दस्ती बैठा दिया है। लेकिन बसपा अपने चुनाव चिह्न पर ही लड़कर इसका जवाब देगी और अब कांग्रेस सरकार को समर्थन जारी रखने पर भी पुनर्विचार करेगी।

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मायावती की इस दो टूक से ऐसा लग रहा है कि मायावती अब कांग्रेस के साथ पोस्‍ट एलायंस पर भी विचार करना बंद कर चुकी हैं। इसलिए वह बिना किसी लाग लपेट के भाजपा के साथ ही कांग्रेस पर भी राजनीतिक हमले कर रही हैं। 

वहीं दूसरे ट्वीट में कांग्रेस की भाजपा जिताऊ मानसिकता पर सवाल उठाते हुए लिखती हैं कि उत्‍तर प्रदेश में कांग्रेसी नेताओं का यह प्रचार कि भाजपा भले ही जीत जाए लेकिन बसपा-सपा गठबंधन को नहीं जीतना चाहिए। यह कांग्रेस पार्टी के जातिवादी, संकीर्ण चरित्र को दिखाता है। इसलिए लोगों का यह मानना सही है कि भाजपा को केवल हमारा गठबंधन ही हरा सकता है। 

गौरतलब है कि गुना लोकसभा सीट पर कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया, पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। मायावती ने ज्योतिरादित्य को टक्कर देने के लिए गुना से लोकेंद्र सिंह राजपूत को उतारा था। कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में शामिल कर मायावती को जोर का झटका दिया है।

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मध्य प्रदेश विधानसभा के 230 सदस्यों में से कांग्रेस के 114 और भाजपा के 109 विधायक हैं। वहीं कांग्रेस को बसपा के दो, सपा के एक और चार निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है। इसी के बल पर कांग्रेस मध्य प्रदेश में सरकार किसी तरह टिकाए हुए है। मायावती यदि समर्थन वापस लेती हैं तो इसके बाद जो होगा वह किसी को बताने की आवश्‍यकता नहीं लगती है।

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