महराजगंज जिला प्रशासन की बड़ी नाकामी, तीन दिनों तक गिट्टी में दबी रही युवक की लाश, जिम्मेदार ले रहे आराम की नींद

डीएन ब्यूरो

महराजगंज जिला प्रशासन की बड़ी नाकामी सामने आई है। गिट्टी के नीचे 3 दिनों तक लाश सड़ती रही पर प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। शनिवार को गिट्टी लदा ट्रक पलट जाने के बाद एडीएम ने मीडिया को बताया था कि इस दुर्घटना में कोई भी जनहानि नहीं हुई है। आज घटना के 3 दिन बाद गिट्टी के मलबे के नीचे लाश मिलने से जिले में सनसनी फैल गई है और जिम्मेदार आराम की नींद ले रहे हैं। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ पर पूरी खबर..

गिट्टी के नीचे दबी लाश
गिट्टी के नीचे दबी लाश

महराजगंजः शनिवार को यानि की 28 सितंबर को महराजगंज बस स्टैंड के सामने एक गिट्टी से लदी हुई ट्रक पलट गई थी। घटना में जनहानि की आशंका व्यक्त की जा रही थी। मगर जिला प्रशासन ने आनन-फानन में ट्रक को जेसीबी से जरिये खड़ा करवाकर अपना पल्ला झाड़ लिया। प्रशासन ने गिट्टी हटवाकर देखना भी मुनासिब नहीं समझा। इतना ही नहीं में एडीएम कुंज बिहारी लाल अग्रवाल ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। पर सोमवार को रात करीब 12:00 बजे घटनास्थल पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने गिट्टी हटवाया तो उसके नीचे से एक अज्ञात व्यक्ति की लाश निकली। जो घटना के दिन ही ट्रक और गिट्टी के नीचे दबकर मर चुका था।

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मलबे में दबी लाश

कहीं प्रशासनिक लापरवाही की भेंट तो नहीं चढ़ा युवक?

अज्ञात युवक की लाश मिलने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं, कि अगर सही समय पर मलबा हटाया जाता तो युवक की जान बच जाती। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने ट्रक सीधा करने के बाद तुरन्त गिट्टी और मलबे को उठवाकर साफ कराया होता तो शायद किसी मां की कोख सूनी होने से बच सकती थी। प्रशासन इस तरह लापरवाही ना करते तो एक बेकसूर की जान बच जाती। 

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बता दें कि सोमवार की रात जब घटनास्थल पर अगल-बगल के लोगों को गिट्टी से बदबू आने और कुत्तों के मंडराने पर लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद रात करीब 12:00 बजे मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने गिट्टी हटवाया तो उसके नीचे से एक अज्ञात व्यक्ति की लाश निकली। जो घटना के दिन ही ट्रक और गिट्टी के नीचे दबकर मर चुका था। लाश की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। हालांकि अभी भी गिट्टी के नीचे और भी लोगों के दबे होने की आशंका के मद्देनजर गिट्टी को हटाया जा रहा है। 

तीन दिन पहले घटना के बाद ADM कुंज बिहारी लाल अग्रवाल ने मीडिया के सामने बड़ी ही आसानी से झूठ बोलते हुए ये कहा था कि इसमें किसी तरह की कोई हताहत नहीं हुई है। आज बेकसूर की लाश मिलने के बाद लोगों में भयंकर गुस्सा है। लोगों का कहना है कि अगर हादसे वाले दिन ही मलबा हटा दिया जाता तो युवक की जान बच जाती। अफ़सरों की भयानक लापरवाही के ख़िलाफ़ न्यायिक जाँच की माँग की जा रही है। इसमें कुंज बिहारी का शर्मनाक चेहरा सामने आया है, जो मीडिया से बातचीत करते हुए मुस्कुरा रहे थे।  

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इस घटना में बड़ा सवाल ये है कि क्या डीएम अमरनाथ उपाध्याय अपने चहेते ADM की भयानक लापरवाही की कराएँगे जाँच? या फिर हर मामले की तरह इस मामले की भी डीएम करेंगे लीपा-पोती।

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