महराजगंज: बोरों की कमी से जूझते सरकारी खरीद केंद्र, किसान परेशान

डीएन ब्यूरो

गेहूं कट कर खेतों से घर पहुंच रहा है किसान अपनी फसल बेचना चाहते हैं लेकिन सरकारी खरीद केंद्रों पर कोई न कोई समस्‍या लगातार बनी रहती है। अभी कुछ दिन पहले मिठौरा क्षेत्र की कई सहकारी समितियों में तौल नहीं होने की जानकारी मिली थी। जबकि आज फिर बोरों की कमी से विकास खंड लक्ष्‍मीपुर के कई सेंटरों पर खरीद रोक दी गई है।

सरकारी क्रय केंद्रों पर लटके ताले
सरकारी क्रय केंद्रों पर लटके ताले

महराजगंज: जिले के विकास खंड लक्ष्‍मीपुर के एक कस्‍बे में खुले सहकारी क्रय केंद्र बोरों की कमी से बंद है। किसान अपना अनाज घरों को वापस ले जाने को मजबूर हैं। वहीं कई क्रय केंद्रों पर दूसरी समस्‍याएं हैं जिन्‍हें भी दूर नहीं किया जा रहा है जिससे तौल प्रभावित होती है।

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बैनर पोस्‍टर सब लगा है लेकिन तौल बंद है

केंद्र हो या राज्‍य सरकार किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्‍य दिलाने का लगातार दम भरती रहती हैं। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है, गांवों कस्‍बों में बने सरकारी तौल केंद्रों पर आए दिन कोई न कोई संकट आता रहता है। कभी बोरों की कमी और कभी कोई दूसरा झंझट जिन्‍हें सुलझाने का स्‍थानीय प्रशासन कोई ठोस कदम भी नहीं उठाता है। 

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आज एक ऐसा ही मामला महराजगंज के विकास खण्ड लक्ष्मीपुर के गांव राजपुर मुड़ली से सामने आया है। किसानों से जानकारी मिली तौल बंद है। जानकारी करने पर किसानों को सरकारी तौल करा रहे कर्मचारी ने बताया गेहूं की तौल के बोरा नहीं हैं। जब तक बोरा नहीं आ जाएंगे तबतक के लिए तौल बंद रहेगी। कब तक बोरे आने का पूछने पर उसने बताया कि तीन से चार दिन लग सकते हैं। इसी कारण कई किसान गेहूं गोदाम पर ही अनाज लिए खड़े हैं। 

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