महराजगंज: धड़ल्ले से खाद की तस्करी का खेल जारी, सुरक्षा एजेंसियां बनी मूकदर्शक

महराजगंज जनपद के परसामलिक थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में इस समय खाद की तस्करी धड़ल्ले से की जा रही है। स्थानीय प्रशासन खाद की तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लगा पा रहा है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 17 August 2024, 12:48 PM IST
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महराजगंज: परसामलिक थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में इस समय खाद की तस्करी धड़ल्ले से की जा रही है। स्थानीय प्रशासन खाद की तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लगा पा रहा है।

खाद तस्कर साइकिल और मोटरसाइकिल पर तीन -चार बोरी लादकर पहले बार्डर स्थित गांवों में पहुंचाते हैं, जहां से बाद में खाद को नेपाल की सीमा में प्रवेश करा दिया जाता है। इस तरह दिन भर में सैकड़ों बोरी खाद सीमा से पलक झपकते पार हो जाती है।

खाद तस्करी का गढ़

परसामलिक क्षेत्र इस समय खाद तस्करी का गढ़ बनता चला जा रहा है। इन दिनों मोटरसाइकिल और साइकिल पर खाद की बोरियां लादकर ग्राम रेहरा, महुलानी, अहिरौली, मर्यादपुर आदि सीमावर्ती गांवों में पहुंचाई जाती है। बाद में इन्हें नेपाल भेज दिया जाता है। नेपाल में खाद की कीमत भारत की अपेक्षा दोगुनी होने के कारण यह धंधा तस्करों को खूब रास आ रहा है। तस्करी रोकने के लिए स्थानीय पुलिस व एसएसबी नाकाम साबित हो रही है।

प्रतिदिन नए तरीके 

भारत-नेपाल की निगरानी के लिए एसएसबी एवं थाना पुलिस की तैनाती के बावजूद खाद की तस्करी रूकने का नाम नहीं ले रही है। प्रतिदिन नए तरीके अपनाकर तस्कर खाद को सीमा पार कर लेते है। जानकारी अनुसार भारतीय सीमा क्षेत्र में तस्करों द्वारा खाद का अवैध भंडारण किया जाता है। और जिस वक्त एसएसबी सीमा पर तैनात नहीं होते हैं उस वक्त का फायदा उठाकर तस्कर खाद को नेपाल सीमा क्षेत्र में पहुंचा देते है। पुलिस व एसएसबी खुली सीमा और दोनों देशों के बीच संबंध के कारण निजी उपयोग के लिए किसानों को कम मात्रा में खाद ले जाने की छूट देने को मजबूरी बताते है।

Published : 
  • 17 August 2024, 12:48 PM IST

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