महराजगंज: जमीन हड़पकर बने मदरसे की मान्यता खतरे में, मदरसा प्रबंधन के खिलाफ लोगों में रोष

डीएन संवाददाता

जिले में मदरसों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पनियरा क्षेत्र में एक ही छत के नीचे दो मान्यता प्राप्त मदरसों का संचालन और कोल्हुई के मदरसे में तिरंगा विवाद का मामला अभी थमा भी नहीं था कि एक मदरसे पर फर्जी तरीके से जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। डाइनामाइट न्यूज़ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट..


महराजगंज: सदर कोतवाली क्षेत्र में स्थित पकड़ी खुर्द गांव में फर्जी तरीके से ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा करके मदरसे का संचालन किये जाना का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत के बाद मदरसा प्रबंध तंत्र पर ग्रामीणों को धमकी देने का भी आरोप है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा मदरसे को नोटिस जारी कर मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी मदरसा प्रबंध तंत्र अपनी मनमानी छोड़ने को तैयार नहीं है।

 

 

मदरसा प्रबंध तंत्र बोला- दान में मिली जमीन 

हालांकि पकड़ी खुर्द में स्थित अहले-सुन्नत फैजुल रसूल मदरसे के संचालकों ने ग्रामीणों के सभी आरोपों को गलत करार दिया है। मदरसा प्रबंध तंत्र का कहना है कि जिस जमीन पर मदरसे का निर्माण किया गया है, वह जमीन ग्रामीणों के पूर्वजों द्वारा मदरसे के निर्माण के लिये दान दी गयी थी। 

 

 

जमीन हथियाने की साजिश

डाइनामाइट न्यूज़ की टीम से बातचीत में कथित तौर पर पीड़ित ग्रामीणों ने कहा कि उनकी पैतृक संपत्ति को जबरन साजिश के तहत मदरसा प्रबंध तंत्र हथिया रहा है। उनका कहना था कि प्रबंध तंत्र कह रहा है कि उनके पूर्वज यह जमीन मदरसा खोलने के लिए दे चुके हैं, लेकिन यह पूरा सच नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि उनके पूर्वजों ने कुछ ही समय के लिये अपनी जमीनें दी थी लेकिन अब मदरसा प्रबंध तंत्र जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है। 

ग्रामीणों का कहना है कि मामले की शिकायत पर उनको प्रबंधन तंत्र द्वारा धमकी तक दी जा रही है। उन्हें आये दिन चुप रहने को कह दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद इसी साल प्रशासन ने मदरसे के प्रबंधन को स्पष्टीकरण हेतु नोटिस भी जारी किया था।

 

 

मदरसे की मान्यता खतरे में  

हालांकि मदरसा अहले-सुन्नत फैजुल रसूल की जमीनी विवाद के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसे को नोटिस भी भेजा है। इस नोटिस में साफ किया गया है सरकार के पास संबंधित मदरसे के नाम से भूमि या उसका किरायानामा नहीं है, जिस कारण मदरसे की मान्यता निरस्त किये जाने की चेतावनी भी दी गयी है।

 

 

पीड़ितों से मारपीट

ग्रामीणों ने बताया कि जब वे पिछले दिनों मस्जिद में नमाज़ अदा करने गये तो उनसे संबंधित जमीन के लिए मारपीट भी की गयी। इस मारपीट के बाद पीड़ित लोग सदर कोतवाली में तहरीर लेकर न्याय के लिए पहुंचे तो कोतवाल द्वारा रटी-रटाई बात कहते हुए ग्रामीणों को अगले दिन आने के लिये कह दिया।

 

 

ग्रामीणों की चेतावनी 

इस मदरसे विवाद को लेकर भले ही दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर खुद को सही बता रहें हो लेकिन यह भी सच है कि इस मामले को लेकर विवाद गहराने लगा है। ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है और वह खुद को ठगा हुआ मान रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वह इस मामले में शांत नहीं बैठेंगे और अपना अधिकार छीन कर लेंगे।

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