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महराजगंजः उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले जिला मुख्यालय पर सफाई कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पांच सूत्रीय ज्ञापन भेजा। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदुम्मन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार का 10 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक सफाई कर्मचारियों का सेवा नियमावली नहीं बनी तथा सरकार अपने ही शासनादेश का उल्लंघन कर रही है।

जिसमें 10 साल की सेवा पर सरकारी कर्मचारी को प्रथम वित्तीय प्रोनयन की व्यवस्था है । किंतु सफाई कर्मचारियों को यह लाभ नहीं दिया जा रहा है । सरकार ने अभी तक 2015 में वादा करने के बाद भी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को प्रधान के नियंत्रण से मुक्त कर के पैरोल की व्यवस्था समाप्त नहीं की है। जिससे कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। जिलामंत्री रामजीत गुप्ता व जिला उपाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने अपने संबोधन में सरकार से सफाई कर्मचारियों का पद नाम परिवर्तित करने की मांग की।
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संरक्षक सत्येंद्र कुमार दुबे व महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पूनम गुप्ता ने सरकार से सफाई कर्मचारियों की ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर प्रोन्नत की मांग की। धरने को समर्थन देते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष व पुरानी पेंशन मंच की जिला संयोजक भागवत सिंह ने सभी मांगों के समर्थन करते हुए सरकार से सफाई कर्मचारियों को प्रदेश की अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भांति ग्रेड पे ₹1900 देने की मांग की व इन्हें पुरानी पेंशन की व्यवस्था से आच्छादित करने की मांग की।
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रांतीय मंत्री श्रीनाथधर दुबे ने कहा कि सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। उसे तत्काल ने 5 सूत्री मांगों को मान लेना चाहिए।
Published : 12 December 2018, 5:12 PM IST
Topics : उत्तर प्रदेश गंभीर आरोप जिला मुख्यालय पंचायती राज महराजगंज योगी सरकार सफाई कर्मचारी संघ सफाई कर्मी
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