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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपनी शक्ति का प्रयोग करते एक अभूतपूर्ण निर्णय लेने के साथ ही राज्य में आवश्यक सेवा रख-रखाव अधिनियम (एस्मा) लगा दिया है। एस्मा के लागू होने से राज्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी, विभाग, प्राधिकरण आदि अपनी मांगों को लेकर अगले छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेगा। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों और विभागों की हड़ताल जैसी अन्य गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी।
माना जा रहा है कि कोरोना संकट के चलते राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। इससे पहले भी छह माह के लिये सरकार द्वारा ऐसा निर्णय लिया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश के कार्मिक विभाग ने भी एस्मा संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के बाद सरकार कर्मचारी 25 मई तक राज्य में किसी भी तरह की हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे। योगी सरकार के आवश्यक सेवा रख-रखाव अधिनियम (एस्मा) के निर्णय से किसी भी सरकारी विभाग, सरकार के नियंत्रण वाले निगम और प्राधिकरणों आदि में हड़ताल करने पर रोक रहेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अत्यावश्यक सेवाओं के अनुरक्षण, 1996 की धारा 3 की उपधारा (1) में प्रदत्त की गई शक्ति का प्रयोग करते हुए प्रदेश में एस्मा लागू किया है। इससे सरकारी विभाग, सरकार के नियंत्रण वाले निगम और प्राधिकरणों आदि में हड़ताल करने पर रोक लगा दी गई है।
माना जा रहा है कि कोरोना संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। इससे पहले भी कोरोना के मद्देनजर यूपी में छह महीने तक के लिए हड़ताल पर रोक लगा दी गयी थी। कोरोना के मद्देनजर वित्तीय संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने कुछ कड़े फैसले लिए थे।
Published : 25 November 2020, 4:26 PM IST
Topics : ESMA uttar pradesh Yogi Government अधिकारी उत्तर प्रदेश एस्मा योगी सरकार सरकारी विभाग हड़ताल