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लखनऊ: समय और ईंधन की बचत समेत डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के टोल प्लाजाओं पर नकद लेन-देन की सुविधा को पूरी तरह बंद कर दिया जायेगा। इसकी जगह पर एक जनवरी 2021 से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य कर दिया जायेगा।
जानकारी के मुताबिक इस नये नियम को लागू करने के लिये केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है। इस नियम के तहत एक जनवरी 2021 से यूपी के टोल प्लाजाओं पर फास्टैग को अनिवार्य कर दिया गया है। जहां अभी फास्टैग की सुविधा नहीं हैं, वहां भी यह सिस्टम अपनाने और इसके लिये सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।
केंद्र सरकार 31 दिसंबर तक फास्टैग का इस्तेमाल 100 प्रतिशत करना चाहती है। यूपी की राजधानी लखनऊ के इटौंजा और दखिना टोल प्लाजा पर भी एक जनवरी से सभी चार पहिया वाहनों पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक एनएन गिरि के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि यदि वाहन मालिक ने अपने वाहन पर फास्टैग नहीं लगाया तो उन्हें हाईवे पर एक जनवरी से असुविधा हो सकती है। इसलिये चार पहिया वाहन मालिकों से फास्टैग अपनाने की अपील सरकार द्वारा की गयी है।
Published : 22 November 2020, 10:11 AM IST
Topics : Fastag Toll plaza uttar pradesh उत्तर प्रदेश कैशलेस ट्रांजेक्शन टोल प्लाजा डिजिटलाइजेशन नकद भुगतान फास्टैग