Lucknow: नकली सर्टिफेकेट बनाने वाले गिरोह का STF ने ऐसे किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार
यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को कूटरचित दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का खुलाशा किया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

लखनऊ: यूपी एसटीएफ की अपराधियों के खिलाफ कमरतोड़ कार्रवाई जारी है। एसटीएफ ने नकली दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गैंग के ये सदस्य विश्वविद्यालय और स्कूलों के फर्जी मार्कशीट्स, सर्टिफिकेट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट बनाते थे।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों से 51 फर्जी मार्कशीट्स, सर्टिफिकेट, 2 लैपटॉप,1 चार्जर, 4 मोबाइल, 4 फर्जी मुहर, एक यूपी नं. कार, 1 मोटरसाइकिल बरामद की है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अल्ताफ राजा पुत्र मोहम्मद सईद थाना पारा, जिला-लखनऊ, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव पुत्र स्व० अवधेश प्रसाद श्रीवास्तव, उम्र 55. आलमबाग, लखनऊ तथा लक्ष्य राठौर पुत्र सुरेश राठौर, फैजुल्लागंज लखनऊ के रुप में हुई है।
एसटीएफ ने आरोपियों को जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की बाउंड्री वाल के पास सर्विस लेन पर स्कूल के गेट के सामने, थाना पारा जनपद लखनऊ से गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया।
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एसटीएफ को जनपद लखनऊ में विभिन्न शिक्षा बोर्ड, यूनिवर्सिटी एवं शैक्षिक संस्थानों की फर्जी मार्कशीट, सर्टिफिकेट एवं अन्य प्रपत्र तैयार करने की शिकायत मिल रही थी।
इस दौरान मुखबिर से एसटीएफ को सूचना प्राप्त हुई कि उक्त गैंग के सदस्य जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय मोहान रोड थाना पारा लखनऊ के पास मौजूद है। इस सूचना पर एसटीएफ ने मौके पर जाकर दबिश दी और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त अल्ताफ राजा ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उनका एक गिरोह है जो विभिन्न प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार करता है। उसने बताया कि वह इसके पहले दिल्ली में डॉ० एसपी पाण्डेय के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट बनाकर मार्कशीट आदि बनाने का काम करता था।
वर्ष 2017 में थाना गीता कालोनी दिल्ली से डा० एसपी पाण्डेय के साथ गिरफ्तार होकर जेल गया था। वर्ष 2019 में वह तथा लक्ष्य राठौर थाना चाणक्य पुरी दिल्ली में अन्य साथियों के साथ इसी मामले में जेल गये थे। जेल से छूटने के बाद लखनऊ आकर दुबारा से यही काम करना शुरू कर दिया। इसके लिये उसने Go Daddy एवं Big Rock पर वेबसाइट बनायी।
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आरोपी फर्जी मार्कशीट व अन्य प्रपत्र आदि बनवाने के लिये 15 से 20 हजार लेता था। जिसे सभी लोग आपस में बांट लेते थे। लोगों को फर्जी दस्तावेज कोरियर के माध्यम से भेजा जाता था। वे लखनऊ में अब तक लगभग 2 हजार से अधिक विभिन्न प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार कर चुका है।
अभियुक्त कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उपरोक्त ने बताया कि वह भी फर्जी मार्कशीट के प्रकरण में वर्ष 2009 में थाना विकास नगर से जेल जा चुका है। उसके विरूद्ध धोखाधड़ी एवं गैंगस्टर एक्ट के 02 मुकदमें है।
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना पारा, जनपद लखनऊ में 216/2025 धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) एवं 3 (5) बीएनएस एवं संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।