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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) का कहर बढ़ता ही जा रहा है। इस जानलेवा बिमारी की चपेट में 108 मासूमों की जिंदगी आ चुकी है। वहीं अस्पताल में बिमार बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ती ही जा रही है।

इस बीमारी की वजह से जिले में हाहाकर मचा हुआ है। चमकी बुखार से पीड़ित ज्यादातर मरीज मुजफ्फरपुर के सरकारी श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (एसकेएमसीएच) और केजरीवाल अस्पताल में एडमिट हैं। जहां आज मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोगों और पीड़ित बच्चों से मिलने पहुंचे। जहां लोगों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का विरोध करते हुए नीतीश कुमार वापस जाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए हैं।
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इस गंभीर बीमारी पर सरकार की लापरवाही के कारण केंद्रिय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ बीमारी से पहले एक्शन नहीं लेने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। बच्चों की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भेजा है। वहीं दूसरी ओर सरकार का कहना है कि हमने कई बच्चों को बचाने में सफलता हासिल की है, हालांकि बीमार बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा है।
Published : 18 June 2019, 12:40 PM IST
Topics : AES अस्पताल एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम एसकेएमसीएच केजरीवाल अस्पताल चमकी बुखार नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर
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