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लखनऊः लखनऊ निगम वैसे तो हमेशा से सुर्खियों मे बना रहता है, मगर फिलहाल नगर आयुक्त डॉक्टर इन्द्राणी त्रिपाठी और महापौर संयुक्ता भाटिया के बीच तनातनी से नगर निगम के सामान्य कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। चाहे शहर भर में पार्किंग के टेंडर के मामले हो या ठेकेदारों को समय पर भुगतान के बाद भी सभी कुछ प्रभावित नजर आ रहा है।
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गोमती नदी को लखनऊ की लाइफलाइन माना जाता है। इसके पानी को साफ करने में अब तक करोड़ो रूपये खर्च हो चुके हैं। कई बार जानी-मानी हस्तियों ने खुद अपने हाथों से गोमती की सफाई की है। जिससे इसे साफ रखने का संदेश सभी तक पहुंचाया जा सके, मगर आज गोमती नदी मे गंदगी के कारण आस-पास के इलाकों मे गंभीर बिमारियों के फैलने का भी खतरा है।
गोमती नदी में जगह-जगह कूड़े का ढेर जम गया है, जबकि नगर निगम के जिम्मेदारों की इस पर नजर नहीं पड़ रही है। साथ ही गौ घाट से लेकर पिपरा घाट तक कई नालों का गंदा पानी गोमती मे जा रहा है। गोमती नदी में बढ़ रही इस गंदगी में नगर निगम, जिला प्रशासन किसी की नजर नहीं पड़ रही है।
Published : 12 August 2020, 5:40 PM IST
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