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महराजगंज: पुलवामा आतंकी हमले में शहीद महराजगंज के वीर पंकज त्रिपाठी का त्रिमुहानी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हर किसी ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी और काफी भावुक हो उठे।
सभी ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से वीर जवान पंकज को अंतिम विदाई दी और वो हमेशा हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गए।
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शहीद की चिता को उनके तीन साल के इकलौते पुत्र प्रतीक ने अपने दादा ओमप्रकाश त्रिपाठी की सहायता से मुखाग्नि दी।
29 साल के वीर शहीद पंकज का जन्म 12 मार्च 1990 को हुआ था।
वीर शहीद पंकज त्रिपाठी के बुजुर्ग पिता ओमप्रकाश त्रिपाठी ने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए कहा कि उनके कलेजे का टुकड़ा तो उन्हें छोड़ गया, लेकिन इस बात का गर्व है कि उन्होंने उनका सिर फख्र से ऊंचा कर गया साथ ही उन्होंने कहा कि पंकज की यादें हमें हमेशा रुलाती रहेंगी, लेकिन इस बात का संतोष रहेगा कि उनका बेटा देश के काम आया।
इतना कहते ही वो फफक कर रो पड़ते हैं और फिर रुंधे हुए गले से बस इतना ही कह पाये कि अब तो बस पंकज के बच्चे की चिंता सता रही है कि न जाने उनकी पढ़ाई-लिखाई अब कैसे होगी।
Published : 16 February 2019, 4:56 PM IST
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