जानिए उत्तर प्रदेश में किन-किन नेताओं की सुरक्षा में की गयी कटौती

डीएन संवाददाता

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वीआईपी कल्चर को खत्म करने की ओर कदम बढ़ाते हुए पूर्व सरकार के कई मंत्रियों और विपक्षी नेताओं की सिक्योरिटी घटा दी है।

फ़ाइल फ़ोटो
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का गठन होने के बाद अब वीवीआईपी लोगों को दी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इसके तहत सत्ता से बाहर आ चुके कई नेताओं की सुरक्षा पर कैंची चलाई गई है। इसके तहत पूर्व सरकार के कई मंत्रियों और विपक्षी नेताओं की सुरक्षा घटा दी है। समाजवादी सरकार के दौरान वाई श्रेणी सुरक्षा घेरे में रहने वाले युवा ब्रिगेड के दो दर्जन नेताओं समेत 100 लोगों की श्रेणीबद्ध सुरक्षा हटाने का निर्णय लिया है। 

एक तरफ पूर्व मंत्री आजम खां की जेड सुरक्षा को वाई श्रेणी में बदलाव किया गया है लेकिन राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल और अमर सिंह की सुरक्षा में कटौती नहीं हुई है।

प्रदेश सरकार ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बीएसपी प्रमुख मायावती की सुरक्षा बरकरार रखी है और वहीं बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य विनय कटियार की सुरक्षा ‘वाई’ श्रेणी से बढ़ाकर ‘जेड’ श्रेणी कर दी गई है।

आपको बता दें कि प्रदेश में 151 नेताओं को विशेष सुरक्षा दी जा रही थी जिनमें से 105 की सुरक्षा पूरी तरह वापस ले गई है जबकि 46 वीआईपी की सुरक्षा में कमी की गई है। जिन नेताओं से पूरी तरह सुरक्षा वापस ली गई है है उनमें बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा प्रमुख हैं।

वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव गृह को सिर्फ जरूरत के मुताबिक सुरक्षा देने के आदेश दिए थे। जिसके बाद सभी वीवीआईपी और वीआईपी को मिली श्रेणीवार सुरक्षा का रिव्यू किया गया। 

गौरतलब है कि हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल बत्ती कल्चर को खत्म करने की वकालत की थी। इससे कई नेताओं ने अपनी-अपनी वाहनों से लाल बत्ती निकाल दी थी।

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