कानपुर: प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अभिभावकों का “हल्ला बोल”

कानपुर अभिभावक एसोसिएशन ने स्कूलों की मनचाही फीस वृद्धि के खिलाफ शुक्रवार को कलेक्ट्रेट दफ्तर के बाहर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया औऱ सीएम के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा।

Updated : 21 April 2017, 6:15 PM IST
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कानपुर: यूपी में योगी सरकार आने के बाद अभिभावकों को यह विश्वास होने लगा है कि अब निजी व पब्लिक स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। निजी स्कूलों की ज्यादा फीस और महंगी किताबों के विरोध में अभिभावक एकजुट होने लगे हैं। अभिभावकों को दिन रात यह डर सता रहा है कि कहीं अधिकारियों और स्कूल प्रशासन की मनमानी के चलते कहीं फीस ना बढ़ा दी जाए।

जानकारी के मुताबिक कानपुर शहर के सभी निजी और पब्लिक प्राइवेट स्कूल हर साल 15 से 30 प्रतिशत फीस बढ़ाते चले आ रहे हैं। इसी समस्या को लेकर अभिभावक शुक्रवार को कानपुर एसोसिएशन कलेक्ट्रेट के ऑफिस पहुंचे और बवाल काटा। जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी करने के बाद उन्होने डीएम को सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा।

अभिभावकों का क्या कहना है

अभिभावक का कहना है कि निजी स्कूल प्रशासक से अपना कमीशन तय कर किताबों पर मनमानी कीमत छापते हैं और अभिभावकों से वही किताब उसी दूकान से खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इनकी सेटिंग ऐसी होती है कि वह किताब चिन्हित दुकानों द्वारा ही स्कूलों में बेची जाती हैं। अभिभावकों ने बड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि सभी स्कूल सोसाइटी बनाकर संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं। इतनी फीस के लेने के बावजूद भी स्कूलों में पानी, बिजली, शौचालय और प्रयोगशाला जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं है।

अभिभावक एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शुक्ल ने कहा कि हमारी मांग है कि स्कूलों में बढ़ती हुई फीस पर एक कमेटी गठित कर इसे निर्धारित किया जाए। जिससे मनमानी फीस पर रोक लग सके। स्कूलों की चिन्हित दुकानों पर कॉपी किताब और जूते खरीदने के लिए अभिभावकों को परेशान ना किया जाए। 
 

Published : 
  • 21 April 2017, 6:15 PM IST

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