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दिल्ली: आज पूरे देश में जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक हिन्दी मास भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।
यही वजह है कि आज के दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की विशेष पूजा की जाती है। जन्माष्टमी पर्व के मौके पर लोग दिनभर व्रत रखते हैं और रात्रि के 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म कराकर लड्डू गोपाल की पूजा करते हैं।
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इस विधि से करें श्रीकृष्ण की रात में पूजा
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रात के 12 बजे हुआ था। यही वजह है कि जन्माष्टमी पर रात्रि पूजन का विशेष महत्व है। सबसे पहले भगवान की मूर्ति को गंगा जल से स्नान कराएं। अगर गंगा जल न हो साफ जल से स्नान करा सकते हैं। इसके बाद मूर्ति को दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और केसर से बने पंचामृत से स्नान कराएं और फिर दुबारा शुद्ध जल से स्नान कराएं। इसके बाद 12 बजे लड्डू गोपाल को टीका-चंदन लगाएं और फूल-माला चढ़ाकर पूजा-अर्चना करें। विधि-विधान से पूजन के बाद आरती करके प्रसाद बांटें।
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जन्माष्टमी के दिन जरूर करें ये काम
भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ जन्माष्टमी के दिन गाय की पूजा भी जरूर करनी चाहिए।
अगर संभव हो सके पूजा वाली जगह पर गाय की मूर्ति रखकर पूजा करें।
पूजन-सामग्री में गाय के दूध से बने घी का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
Published : 19 August 2022, 11:29 AM IST
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