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नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’ को अस्तित्व में लाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि अगर नेहरू ने बेवक्त पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम की घोषणा नहीं की होती तो यह अस्तित्व में ही नहीं आता।
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अमित शाह ने कश्मीर का भारत में ‘एकीकरण नहीं करने’ को लेकर नेहरू पर हमला करते हुए कहा कि इस मुद्दे को, नेहरू के बदले देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को अपने हाथों में लेना चाहिए था। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने के केंद्र के फैसले और अगले महीने यहां होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर यहां एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘ कांग्रेस अनुच्छेद 370 की समाप्ति के पीछे राजनीति देखती है जबकि भाजपा इस तरह से नहीं सोचती है।’’
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श्मीर अस्तित्व में ही नहीं आता अगर नेहरू ने बेवक्त पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम की घोषणा नहीं की होती। नेहरू के बदले सरदार पटेल को यह मुद्दा अपने हाथ में लेना चाहिए था।’’ शाह ने कहा, ‘‘ अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद कश्मीर में एक भी गोली नहीं चलाई गई है।’
Published : 22 September 2019, 5:50 PM IST
Topics : Amit Shah Home Minister Pakistan अनुच्छेद 370 अमित शाह कश्मीर जवाहरलाल नेहरू पाकिस्तान पूर्व प्रधानमंत्री