Electricity Employees: समिति का पावर कॉर्पोरेशन पर गंभीर आरोप, बिजली कर्मियों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

समिति ने पावर कॉर्पोरेशन पर गंभीर आरोप लगाए है। साथ ही बिजली कर्मियों ने बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 16 March 2025, 4:19 PM IST
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लखनऊ: शनिवार की शाम चर्म विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति भीखरपुर के पदाधिकारियों की बैठक परिसर स्थित मंदिर में हुई। इसमें समिति के सदस्यों ने पुरातत्व के विरोध में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुरातत्व की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो आंदोलन तेज होगा।

डाइनामाइट न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में मौजूद लोगों ने डिस्कॉम से जुड़ी तमाम हड़ताल को लेकर बिजली कर्मचारी 17 मार्च को इलेक्ट्रिकल नॉर्वे पर प्रदर्शन करेंगे। प्रबंधन के चेंज कंसलटेंट की नियुक्ति प्रक्रिया को अवैधानिक बताते हुए विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक में रियल एस्टेट, मायाशंकर तिवारी, नरेंद्र वर्मा, राम कुमार झा, राजेंद्र सिंह, सभापति सिंह मौजूद रहे। विद्युत इलेक्ट्रॉनिक्स ने इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के आरोपों के नारे के साथ विरोध प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति के वकील शैलेंद्र जॉयस ने कहा- पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने बोली लगा दी है, नामांकन पूरे प्रदेश के बिजली सचिवालय में है।

उन्होंने कहा- इसके खिलाफ कभी भी विरोध शुरू हो सकता है। संगठन पूरी तरह से लामबंद है। पूरे प्रदेश में एक लाख बिजली कंपनियां स्थाई जगह की तलाश में हैं। निजीकरण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। डेरिवेटिव के नाम पर मेगा निदेशालय की तैयारी है।

विरोध प्रदर्शन

संघर्ष समिति के प्रस्तावों पर आज प्रदेश के सभी जिलों और मंडलों में बिजली कर्मचारियों, उपकरणों और सहायक उपकरणों ने विरोध प्रदर्शन किया।

 

Published : 
  • 16 March 2025, 4:19 PM IST

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