सीबीआई निदेशक बनने से चूके आईपीएस जावीद अहमद पर डाइनामाइट न्यूज़ की खबर ने मचाया धमाल

डीएन ब्यूरो

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के निदेशक बनने से चूकने वाले यूपी कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अफसर एस. जावीद अहमद की आपत्तिजनक टिप्पणी का जैसे ही डाइनामाइट न्यूज़ ने भंडाफोड़ किया, चारों और हड़कंप मच गया। दो दिन पहले ब्रेक की गयी हमारी खबर को आज देश के तमाम बड़े अखबारों ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। कई अखबारों, टीवी चैनलों और न्यूज़ पोर्टलों ने डाइनामाइट न्यू़ज़ के स्क्रीनशॉट को अपनी खबर में चलाया और दिखाया। विशेष रिपोर्ट..

2 फरवरी को प्रकाशित डाइनामाइट न्यूज़ की खबर बनी नेशनल हेडलाइन
2 फरवरी को प्रकाशित डाइनामाइट न्यूज़ की खबर बनी नेशनल हेडलाइन

नई दिल्ली: गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत का मामला हो या फिर मधवलिया गो-सदन में बड़े पैमाने पर गायों की मौत या मार्च 2017 में यूपी विधानसभा के चुनावी नतीजों के बाद कौन बनेगा सीएम.. के नाम का ऐलान हो.. अधिकांश मामलों में डाइनामाइट न्यूज़ की खबर ने देश भर में राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी हैं और सबसे पहले यूपी की खबरों को नेशनल स्तर पर ब्रेक करने का शानदार रिकार्ड बनाया है। 

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उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरों को सबसे पहले विश्वसनीय तरीके से ब्रेक करने की कड़ी में एक और अहम खबर जुड़ गयी है। जब हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि सीबीआई का अगला निदेशक कौन होगा? आईपीएस ऋृषि कुमार शुक्ला के नाम का इस पद पर ऐलान होते ही सीबीआई निदेशक बनने से चूकने वाले यूपी कैडर के 1984 बैच के सीनियर आईपीएस एस. जावीद अहमद का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आईपीएस आफिसर के नाम से बने लखनऊ के एक WhatsApp ग्रुप में अपना गुस्सा उतारते हुए लिखा.. “Allah ki marzi. Bura to lagta hai par M hona gunah hai”

डाइनामाइट न्यू़ज़ ने यह खबर सबसे पहले शनिवार रात 10 बजकर 16 मिनट पर प्रकाशित कर डाली। इसके बाद कई टीवी चैनलों और न्यूज़ पोर्टलों ने दूसरे दिन वायरल मैसेज के स्क्रीनशॉट को बिना क्रेडिट दिये हुए और Dynamite News के वाटरमार्क को छिपाकर प्रकाशित व प्रसारित किया। 

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यही नही 2 फरवरी की हमारी खबर को देश के तमाम प्रमुख अखबारों ने पहले पन्ने पर दो दिन बाद 4 फरवरी को प्रकाशित किया। कई अखबारों ने हमारे स्क्रीनशॉट को कापी कर प्रकाशित किया।

इन सबके अलावा हमारी स्टोरी की सबसे बड़ी ख़ास बात ये रही कि डाइनामाइट न्यूज़ ने जावीद अहमद से उनका पक्ष एक्सक्लूसिवली जाना और ये समझने की कोशिश की आखिर वे अपने पोस्ट पर सोच क्या रहे हैं? क्या उन्होंने सिर्फ भावावेश में लिख डाला या सोच समझकर साम्प्रदायिकता की आड़ में पूरे सिस्टम को बदनाम करने की उनकी मंशा रही?

जावीद ने कुछ यूं दी अपनी सफाई

डाइनामाइट न्यूज़ ने इस सवाल पर जब जावीद अहमद से उनका पक्ष पूछा कि आखिर “M” की आड़ लेने का उनका उद्देश्य क्या है? इस पर उन्होंने कहा “पता नही मैं तो नहीं जानता हूं इसके बारे में” जब उन्हें उनके नंबर …….786 के बारे में पूछा गया कि ये तो आपके नंबर और नाम Javeed Ahmad के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है तो उनका जवाब था “पता नहीं ये सब क्या है आजकल तो लोग क्लोनिंग करते हैं, मुझे नही मालूम इस बारे में” आखिर में उन्होंने यह कहा कि “I have nothing to say”

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