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सिसवा बाजार (महराजगंज): कोठीभार थाने के समीप नहर रोड पर लगभग 2 ट्रक नकली दवा फेंकी गयी है, जब इसकी खेप स्थानीय लोगों ने देखी तो चारों और हड़कंप मच गया, लोग सवाल पूछने लगे जब मुकदमा पंजीकृत है और पुलिसिया विवेचना जारी है तो भी कैसे 686 करोड़ की नकली दवाओं के सरगनाओं ने इतनी हिम्मत जुटा ली कि वे सरेआम पुलिस की नाक के नीचे इतनी बड़ी मात्रा में दवा फेंक डाली।

हैरान करने वाली बात यह है कि दवा थाने के पीछे नहर पर फेंकी गयी है। इससे चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि कहीं साक्ष्य मिटाने के इस खेल के पीछे कहीं अफसरों की शह तो नहीं?
दवा फेंके जाने की सूचना के बाद मुकामी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की कार्यवाही की।

दवा कब, किसने और क्यों फेंकी, यह तो जांच का विषय है लेकिन जब जांच करने वाले अफसरों पर ही अंगुलियां उठे, तब मामला निष्पक्ष तरीके से खुल पायेगा यह बड़ा सवाल बन जाता है।

लोगों को कहना है कि उन्हें स्थानीय पुलिस की विवेचना और स्वास्थ्य विभाग पर भरोसा नहीं है इसलिए लोगों की जान से खिलवाड़ करने के इस बेहद संगीन मामले की जांच यूपी की किसी बड़ी जांच एजेंसी से करायी जानी चाहिये ताकि दवा माफियाओं की गर्दन को मरोड़ा जा सके।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक 4 अगस्त को ठूठीबारी इलाके से 686 करोड़ की नकली दवाओं की खेप बरामद हुई थी, इसके बाद 11 अगस्त को सिसवा के तीन दवा की दुकानों पर दिखावटी छापेमारी की गयी। इसके बाद सिसवा में ही दो ट्रक दवाओं को फेंका जाना कई नये सवालों को जन्म दे रहा है।
Published : 15 August 2021, 10:59 AM IST
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