हिंदी
नई दिल्ली: राजनीति में कोई स्थाई दोस्त और दुश्मन नहीं होता, यह परम्परा लंबे समय से चला आ रही हैं।
सुनील सिंह पहली बार 1996 में योगी आदित्यनाथ से संपर्क में आए और 1998 के लोकसभा चुनाव में सुनील सिंह बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर योगी आदित्यनाथ के लिए जमकर चुनाव प्रचार किया।
योगी आदित्यनाथ ने सुनील की सक्रियता और मेहनत देख उन्हें अपना विश्वासपात्र बना लिया। लेकिन वक्त ने करवट बदली और योगी के सबसे विश्वासपात्र सुनील सिंह उनसे अलग हो गये।
डाइनामाइट न्यूज़ के साथ इंटरव्यू में समाजवादी पार्टी के नेता सुनील सिंह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किये। सुनील सिंह ने बताया किस तरह उनके और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के रिश्तों में खटास आई और 2020 में उन्होंने का समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया।
सुनील सिंह ने इस बात को स्वीकार किया कि से इस चुनाव में सपा से संतकबीर नगर से टिकट चाहते थे लेकिन इस बीच अखिलेश यादव ने उनको बुलाया और बातचीत की। उन्होंने कहा कि सपा ने इस बार किसी कार्यकर्ता को संतकबीर नगर से टिकट दिया है। उनको पता है कि हो सकता है कि सपा में उनको टिकट से बड़ा कोई और तोहफा दिया जा सकता है।
सुनील सिंह ने साफ किया कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के साथ उनका सियासी सफर और भविष्य पूरा सुरक्षित है।
Published : 18 April 2024, 4:44 PM IST
Topics : Akhilesh Yadav interview Samajwadi Party Sunil Singh Yogi Adityanath इंटरव्यू योगी आदित्यनाथ समाजवादी पार्टी सुनील सिंह