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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने करीब 5 सौ मकानों को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें इन मकानों को अवैध निर्माण करार देते हुए इन्हें तोड़ने की बात कही गई है। यह मामला खासकर उन इलाकों का है जहां सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हुआ है। इस नोटिस के बाद स्थानीय लोगों में डर और बेचैनी का माहौल है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार यह कार्रवाई दिल्ली सरकार और PWD के संयुक्त प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। हालांकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके पास मकानों के वैध दस्तावेज हैं और उन्हें बिना किसी ठोस कारण के निशाना बनाया जा रहा है। इस पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी जन्म दिया है।
जानकारी के अनुसार PWD द्वारा जारी किए गए नोटिस का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को हटाना और शहर के विकास कार्यों में बाधा बनने वाले निर्माणों को हटाना है। इसके तहत जिन मकानों को निशाना बनाया गया है, वे या तो सरकारी जमीन पर बने हैं या फिर बिना अनुमति के बनाए गए हैं।
इस कार्रवाई से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके करोल बाग, सीलमपुर, शाहदरा, लक्ष्मी नगर, संगम विहार शामिल हैं।
PWD द्वारा जारी इस नोटिस ने स्थानीय निवासियों में गुस्सा और डर का माहौल पैदा कर दिया है। कई लोगों का कहना है कि उनके पास मकानों के सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
Published : 8 December 2024, 3:34 PM IST
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