'फनी' तूफान का असर यूपी तक, 2 व 3 मई को चलेगी तेज हवाएं और होगी बारिश.. किसानों को विशेष चेतावनी, उड़ीसा के 11 जिलों से भी हटाई गई आचार संहिता

डीएन ब्यूरो

मौसम विभाग ने आज उत्‍तर प्रदेश के लिए भी चेतावनी जारी की है। विभाग की ओर से कहा गया है कि चक्रवाती तूफान 'फनी' उड़ीसा-आंध्र प्रदेश जैसे तटवर्ती इलाकों के अलावा उत्तर प्रदेश में भी कहर ढा सकता है। किसानों और भंडारण करने वालों को खास ख्‍याल रखना होगा जिससे उनका नुकसान नहीं हो।

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्‍ली: चक्रवात 'फनी' उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से आगे निकलकर उत्‍तर प्रदेश में भी अपना असर दिखा सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर 2 से 4 मई तक कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। जिससे किसानों के लिए यह बेहद ही संकट की परिस्थिति बन गई है। जिन किसानों की खेतों में अभी फसल खड़ी है उन्‍हें नुकसान हो सकता है।

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वहीं चक्रवात 'फनी' ने अब तक बेहद ही विकराल रूप धारण प्रचंड तूफान में बदल गया है। जिसके कारण मौसम विभाग ने बुधवार को मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में फानी चक्रवात के कारण 30 से 40 किमी प्रति घंटा की गति से पुरवा हवा चल सकती हैं। वहीं  2 व 3 मई को उत्तर प्रदेश के उत्तरी अंचल में कई इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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इस संबंध में मौसम निदेशक की ओर से बताया गया है कि हालातों को देखते हुए किसान और अनाज का संरक्षण करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। 

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उन्‍होंने बताया 3 मई को उत्‍तर प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में आंधी-पानी के आसार हैं। जबकि 4 मई को दक्षिण यूपी को छोड़कर पूरे प्रदेश में आंधी-पानी की आशंका है। राजधानी लखनऊ और आसपास का इलाके में इसका असर दिखने की संभावना है।

उड़ीसा में 11 जिलों में हटाई गई आचार संहिता

चुनाव आयोग ने उड़ीसा के पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, बालासोर, मयूरभंज, गजपति, गंजम, खोरधा, कटक और जाजपुर जिलों से चुनाव आचार संहिता हटा ली गई है। जिससे कि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की कोई बाधा न आए। राज्य सरकार ने आयोग से इस संबंध में प्रस्ताव रखा था।

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