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नई दिल्ली: संसद के उच्च सदन राज्यसभा में मंगलवार यानी आज नागिरकता संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। दरअसल ये बिल पिछले काफी दिनों से उत्तर- पूर्व राज्यों में भारी विरोध झेल रहा है। बता दें कि इससे पहले ये बिल बीते 8 जनवरी को लोकसभा में पास कराया गया था, लेकिन राज्यसभा में इसे मंजूरी मिलना अभी बाकी है। लोकसभा में इस विधेयक के पारित होने के साथ ही एक तरफ जहां विपक्षी पार्टियों और एनडीए के कुछ सहयोगी इसका जमकर विरोध कर रहे हैं, वहीं सरकार के पास इस बिल को पास कराने का अंतिम मौका है।
यहां हो रहा विरोध
मणिपुर और नागालैंड में इस विधेयक का कड़ा विरोध किया जा रहा है। बीते सोमवार को भी मणिपुर की राजधानी इंफाल में विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया गया जिससे जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित रहा और नागालैंड में भी बंद की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इसके साथ ही पूर्वोत्तर के दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू और मणिपुर के एन बीरेन सिंह ने भी विवादास्पद नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में सोमवार को अपनी आवाज उठाई और राज्यसभा में इसे पारित नहीं करने की गृह मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की।

प्रधानमंत्री ने दिया आश्वासन
वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को असम और पूर्वोत्तर के लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि नागरिकता विधेयक से उनके हितों को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
Published : 12 February 2019, 11:02 AM IST
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