चीन हुआ बेनकाब, भारत को लेकर कहा था ये बड़ा झूठ

डीएन संवाददाता

चीन का एक बड़ा झूठ सामने आया है। चीन के इस झूठ को भारत पर दबाव बनाने की उसकी उकसाऊ रणनीति के रूप देखा जा रहा है। लेकिन अब चीनी विदेश मंत्रालय की यह बात अब पूरी तरह झूठ साबित हो गयी है।

फाइल फोटो
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नई दिल्ली: सिक्किम में सीमा विवाद को लेकर भारत के साथ तनाव बढ़ा रहे चीन का एक बड़ा झूठ सामने आया है। चीन के इस झूठ को भारत पर दबाव बनाने की उसकी उकसाऊ रणनीति के रूप देखा जा रहा है। भारत को उकसाने और उस पर दबाव डालने के हथकंडे के तहत चीनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा था  कि जर्मनी के हैम्बर्ग में होने वाले जी-20 शिखर बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने विवादों के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात रद्द कर दी गई है।

चीनी विदेश मंत्रालय की यह बात अब पूरी तरह झूठ साबित हो गयी है।  इस झूठ का पर्दाफाश करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और चिनफिंग की अलग से मुलाकात या वार्ता का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था ही नहीं। 

चीन के उक्त दावे को खारिज करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल वागले ने मीडिया को बताया कि पीएम मोदी 7 से 8 जुलाई को  जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हैम्बर्ग में होंगे।

इस दौरान मोदी की कई देशों के नेताओं से मुलाक़ात होगी जिनमे अर्जेटीना, कनाडा, इटली, जापान, मेक्सिको, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन व विएतनाम के नेता शामिल है और इन नेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम पहले से तय है।

उनोहने कहा कि  लेकिन  चीन  के राष्ट्रपति से मुलाकात होने की संभावना नहीं है, क्योंकि इसके लिए कार्यक्रम बना ही नहीं है।

पीएम मोदी ब्रिक्स देशों के नेताओं की बैठक में भी शामिल होंगे। उसमें भी जिनपिंग व मोदी के बीच द्विपक्षीय मुलाकात का कार्यक्रम नहीं है। पीएम मोदी के साथ इसराइल से जर्मनी पहुंच रहे वागले से चीनी विदेश मंत्रालय के बयान पर सवाल किए गए थे। उसके जवाब में उन्होंने यह सफाई दी।

G-20 बैठक के साथ ही होने वाली पांच देशों- ब्राजील, भारत, रूस, चीन व दक्षिण अफ्रीका के संगठन 'ब्रिक्स' की बैठक में मोदी-चिनफिंग आमने-सामने होंगे।

हालांकि उनकी बातचीत और मुलाक़ात  का कोइ कार्यक्रम तय नहीं है लेकिन यदि किसी भी सूरत में कोई अनौपचारिक बातचीत इन दोनों देशों के नेताओं के बीच होती है तो सीमा विवाद और तल्ख़ पड़े रिश्तों को सुलझाने में ये छोटी बात भी बड़ी मददगार साबित हो सकती है।
 

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