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लंदन: ब्रिटेन 47 साल तक यूरोपीय संघ का सदस्य रहने के बाद शुक्रवार रात अंतत इससे अलग हो गया। ब्रिटेन ईयू से बाहर निकलने वाला पहला देश है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रेक्जिट के कुछ क्षण पहले अपने संबोधन में इस ऐतिहासिक क्षण को एक नई सुबह करार दिया था। ब्रिटेन रात 11 बजे ईयू से अलग हो गया।
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उन्होंने कहा यह कोई कानूनी समाधान नहीं है। यह संभवत: वास्तविक राष्ट्रीय पुनर्जागरण और बदलाव है। यह एक नए युग की सुबह है और जिसमें आपके जीवन और आपके परिवार का जीवन इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि आप देश के किस हिस्से में बड़े हुए हैं। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच बनी सहमति के तहत शनिवार से लेकर दिसंबर तक की अवधि में बदलाव की प्रक्रिया पूरी होगी और इसी के मद्देनजर तत्काल कोई खास बदलाव नहीं देखा जाएगा। जॉनसन ने कहा कि चाहे वह आव्रजन पर नियंत्रण हो या मुक्त बंदरगाह बनाना हो या फिर हमारे मत्स्य उद्योग को स्वतंत्र करना हो या फिर स्वतंत्र रूप से कारोबारी समझौते करना हो यह करना लोकतांत्रिक है।
उन्होंने कहा मैं सभी भावनाओं को समझता हूं और सरकार के रूप में हमारा काम मेरा काम इस देश को साथ लाना और आगे ले जाना है। वहीं ब्रिटेन की सरकार ग्रेट रेडी टू ट्रेड अभियान की शुरुआत 13 देशों में शनिवार से करेगी इसमें भारत भी शामिल है। जॉनसन ने बार-बार भारत के साथ ‘नए और बेहतर’ कारोबारी संबंध बनाने को दोहराया है। (भाषा)
Published : 1 February 2020, 2:21 PM IST
Topics : Boris Johnson Britain Europe International ईयू देश बोरिस जाॅनसन ब्रिटेन संघ
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