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ढाका: बांग्लादेश हिंसा की आग में झुलस रहा है। नौकरी में आरक्षण खत्म करने और प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों के बीच भड़की हिंसा में अब तक 14 पुलिसकर्मियों समेत करीब 100 लोगों की जान चली गई है। सैकड़ों लोग घायल हैं। हालात इतने खराब हैं कि पूरे देश में अनिश्चित काल के लिए कर्फ्यू लगाया गया है और इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार हिंसा के बीच बांग्लादेश सरकार ने मेटा प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम बंद कर दिया है।

गौरतलब है कि सरकारी नौकरियों के लिए कोटा प्रणाली को खत्म करने की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहा छात्रों का प्रदर्शन रविवार को उग्र हो गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब उनकी एक ही मांग है पीएम शेख हसीना का इस्तीफा।
सूत्रों के अनुसार देश भर में झड़पों, गोलीबारी और जवाबी कार्रवाई में कम से कम 98 लोग मारे गए हैं। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक देशभर में 14 पुलिसकर्मी मारे गए हैं। इनमें से 13 एक ही थाने सिराजगंज के इनायतपुर में मारे गए। करीब 300 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं।
दरअसल प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 1971 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियों को आरक्षित करने वाली कोटा प्रणाली को समाप्त किया जाए। पहले जब हिंसा भड़की थी तब कोर्ट ने कोटे की सीमा को घटा दिया था। लेकिन हिंसा नहीं थमी और अब प्रदर्शनकारी शेख हसीना का इस्तीफा मांग रहे हैं। अब तक 11,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अधिकारियों ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशनों, सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यालयों और उनके नेताओं के आवासों पर हमला किया और कई वाहनों को जला दिया। सरकार ने मेटा प्लेटफॉर्म फेसबुक, मैसेंजर, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को बंद करने का आदेश दिया।
इस बीच प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि विरोध के नाम पर देशभर में तोड़फोड़ करने वाले लोग छात्र नहीं बल्कि आतंकवादी हैं और लोगों से उन्हें सख्ती से दबाने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों से अपील करती हूं कि इन आतंकवादियों को सख्ती से कुचलें। पीएम ने रक्षा अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक भी की है। वहीं, हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तीन दिन की सामान्य छुट्टी की घोषणा की है।
Published : 5 August 2024, 7:45 AM IST
Topics : Bangladesh died DynamiteNews violence आरक्षण ढाका नौकरी बांग्लादेश मौत हिंसा